गढ़वा के निजी अस्पताल बने मौत के फंदे: इलाज के नाम पर लूट, मरीज गंवा रहे जान

Location: Garhwa


गढ़वा। जिला मुख्यालय में बुधवार को दो अलग-अलग निजी अस्पतालों में प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत ने हड़कंप मचा दिया। इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि गढ़वा में निजी चिकित्सालय इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि मरीजों को लूटने और उनकी जिंदगी को खतरे में डालने का अड्डा बन चुके हैं।

पहली घटना – सेवा सदन हॉस्पिटल
गढ़वा–मेराल रोड स्थित सेवा सदन हॉस्पिटल में अन्नराज नावाडीह निवासी मुबारक अंसारी की पत्नी जहरुंन बीबी (35) का चौथा प्रसव ऑपरेशन के जरिए कराया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन बिना योग्य चिकित्सक के किया गया। कुछ देर बाद पेट में सूजन आने लगी, डॉक्टरों ने तीन यूनिट रक्त की मांग की और बच्चेदानी निकालने की बात कही। दूसरा ऑपरेशन करने के बाद महिला की हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि इलाज के नाम पर भारी भरकम रकम वसूली गई और लापरवाही के कारण उनकी प्रियजन की जान गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया।

दूसरी घटना – मिलाप हॉस्पिटल
चिनिया रोड स्थित मिलाप हॉस्पिटल में कुलझिकी, बंशीधर नगर निवासी ऊषा देवी (30) की मौत हो गई। उनका सामान्य प्रसव बंशीधर नगर में हुआ था, लेकिन अधिक रक्तस्राव के बाद उन्हें गढ़वा लाया गया। परिजनों के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने रक्तस्राव रोकने और रक्त की कमी पूरी करने के नाम पर 1 लाख 8 हजार रुपये वसूले, लेकिन समय पर सही इलाज न मिलने से उनकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने हंगामा न हो इसके लिए निजी एंबुलेंस से शव को जल्द से जल्द हटाने की कोशिश की।

लोगों में आक्रोश, प्रशासन मौन
इन घटनाओं से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामे के कारण चिनिया रोड पर घंटों यातायात बाधित रहा। सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी खुद मिलाप हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन एक घंटे तक वहां रहने के बावजूद उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। आरोप है कि दोनों मामलों में अस्पताल प्रबंधकों ने परिजनों को मोटी रकम का प्रलोभन देकर मामले को दबाने की कोशिश की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गढ़वा के निजी अस्पताल बिना उचित चिकित्सा सुविधा, प्रशिक्षित डॉक्टर और जरूरी उपकरणों के इलाज कर रहे हैं। इलाज के नाम पर भोले-भाले मरीजों से मोटी रकम वसूली जाती है, और कई बार उन्हें अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मौत का खेल यूं ही जारी रहेगा।

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  • Pavan Kumar

    Location: Garhwa Pavan Kumar is reporter at आपकी खबर News from Garhwa

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