Location: केतार
केतार (गढ़वा): केतार के प्रसिद्ध युवा संगीतज्ञ एवं सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के उप प्रधानाध्यापक धनंजय विश्वकर्मा का शुक्रवार तड़के हृदयगति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। उनकी उम्र मात्र 37 वर्ष थी। यह घटना जहां अत्यंत दुखद है, वहीं समाज को सचेत भी करती है, क्योंकि वे नशे से पूरी तरह दूर और शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति माने जाते थे।
परिजनों और परिचितों के अनुसार धनंजय गुरुजी का जीवन अनुशासित और नियमित था। वे हर दिन सुबह-शाम रियाज करते थे, विद्यालय में पढ़ाने के साथ संगीत साधना में रमे रहते थे। न तंबाकू, न शराब—उनकी जीवनशैली पूरी तरह संयमित थी।
शुक्रवार की सुबह करीब 4 बजे उन्हें अचानक छाती में जलन की शिकायत हुई। पहले वे स्वयं नजदीकी क्लिनिक पहुंचे, लेकिन वह बंद मिला। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी को समस्या बताई। इस दौरान उनकी सांसें तेज चल रही थीं। बड़े भाई तत्काल उन्हें लेकर अस्पताल रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी। निजी अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
धनंजय गुरुजी के असामयिक निधन से न केवल उनका परिवार शोकसंतप्त है, बल्कि पूरे केतार प्रखंड में शोक की लहर फैल गई है। सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने वाले, सहज-सरल स्वभाव के धनंजय गुरुजी की यादें लोगों की आंखें नम कर रही हैं। उनके जाने से कला, शिक्षा और समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।











