Location: Manjhiaon
मझिआंव (प्रतिनिधि)। थाना क्षेत्र के टरहे गांव में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शव को पुलिस के सामने जबरन जलाने के मामले में 12 नामजद और 150 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार, टरहे गांव निवासी सीताराम साव की 16 वर्षीय पुत्री चंचला कुमारी की मौत बुधवार को दोपहर में फांसी लगाने से हुई बताई गई। सूचना मिलते ही मझिआंव थाना प्रभारी सुनील कुमार तिवारी के निर्देश पर सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार मुंडा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने शव को फांसी के फंदे से उतारकर जलाने के लिए बाकी नदी ले गए थे।
पुलिस जांच के दौरान शव पर गला दबाने के निशान और सीने पर चोट के चिन्ह पाए गए। प्राथमिक जांच में मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा प्रतीत होता है, जिसमें हत्या कर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। परिजन पोस्टमार्टम के बिना ही शव को जलाने पर अड़े रहे।
जब पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की, तब नेपाली साव समेत अन्य लोगों ने पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार किया और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए कहा—”देखते हैं कौन शव जलाने से रोकता है”—और पुलिस के सामने ही शव को आग के हवाले कर दिया।
इस घटना की सूचना वरीय पुलिस अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद 22 मई को थाना कांड संख्या 67/25 के तहत धारा 103(1), 238, 221, 132, 152, 3(5) BNS के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई। इसमें नेपाली साव, उसके पुत्र सत्येंद्र साव, सुनील गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, राजा गुप्ता, महंगू शर्मा, मनोज शर्मा, शिवधारी साव, मूंगा लाल साव, सुनील कुमार यादव, भरदूल यादव और संजय पासवान समेत 12 लोगों को नामजद किया गया है। साथ ही करीब 150 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है।
इस घटना में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस के साथ बदसलूकी, सबूत नष्ट करने और बिना पोस्टमार्टम शव जलाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
घटना स्थल पर सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार मुंडा, हवलदार कन्हैया यादव, आरक्षी सतेंद्र कुमार और चालक आरक्षी संजीत गंझू की टीम मौजूद थी।











