Location: Shree banshidhar nagar
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)।
भवनाथपुर–केतार मुख्य पथ पर दुधमनिया घाट के पास यात्री शेड में गत शनिवार की अहले सुबह मिले शव की गुत्थी पुलिस ने 10 घंटे के भीतर सुलझा ली। मृतक की पहचान पलामू जिले के पांडू थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरमा कला गांव निवासी रुखी रजवार (पिता– ठेगू रजवार) के रूप में हुई है। पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सत्येंद्र नारायण सिंह ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मृतक की कनपटी में गोली मारकर हत्या की गई थी। घटनास्थल से मिले कागजातों के आधार पर शव की पहचान की गई, जिसके बाद मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
अनुसंधान के क्रम में सामने आए तथ्यों के आधार पर पलामू जिले के उंटारी रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी गांव निवासी सीता रजवार (पिता– स्व. गणेश रजवार) को पूछताछ के लिए लाया गया। पूछताछ के दौरान सीता रजवार ने अपने ममेरा साला मनोज रजवार (पिता– स्व. मैनेजर रजवार), निवासी बेंदुआ, थाना उंटारी रोड, पलामू के साथ मिलकर रुखी रजवार की हत्या करने की बात स्वीकार की। दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने दो देशी कट्टा, 3.15 बोर का एक जिंदा कारतूस, एक खोखा, एक मोबाइल फोन तथा एक लूना बरामद किया।
हत्या का कारण:
एसडीपीओ ने बताया कि सीता रजवार की बेटी की कुछ दिन पूर्व मौत हो गई थी। गांव वालों के कहने पर सीता भवनाथपुर थाना क्षेत्र के सिंघिताली गांव निवासी मानमती कुंवर के पास गया, जो ओझा-गुणी का काम करती है। मानमती कुंवर ने कथित तौर पर सीता से कहा कि उसकी बेटी की मौत ओझा-गुणी के कारण हुई है और इसमें घर के दक्षिण दिशा का व्यक्ति जिम्मेदार है। मृतक रुखी रजवार भी ओझा-गुणी का काम करता था, जिससे सीता को यह विश्वास हो गया कि उसी के कारण उसकी बेटी की मौत हुई है।
इसी संदेह में सीता रजवार ने अपने ममेरा साला मनोज रजवार के साथ मिलकर रुखी रजवार की हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार दोनों पूर्व में माओवादी संगठन के लिए पर्चा साटने का काम करते थे और उसी दौरान उन्हें हथियार मिले थे।
घटना का तरीका:
गत 2 जनवरी को सीता और मनोज, रुखी रजवार को लूना पर बैठाकर गांव से निकले। रास्ते में कंडी से शराब खरीदकर तीनों केतार मार्ग स्थित यात्री शेड पहुंचे, जहां शराब पी गई। नशे की हालत में होने पर सीता रजवार ने रुखी रजवार को गोली मार दी। हत्या के बाद मनोज रजवार ने हथियार को घटनास्थल से कुछ दूरी पर छुपा दिया और दोनों वापस अपने गांव चले गए।
इस मामले में सीता रजवार, मनोज रजवार तथा मानमती कुंवर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मानमती कुंवर पूर्व में भी ओझा-गुणी के एक अन्य मामले में भवनाथपुर थाना कांड संख्या 94/25 (जून माह) में जेल जा चुकी है।
छापामारी दल में शामिल:
छापामारी दल में एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह, भवनाथपुर थाना प्रभारी रजनी रंजन, पु.अ.नि. परवेज आलम, हवलदार सुनील कुमार पासवान, आरक्षी पंकज कुमार पासवान, सूरज कुमार, चंदा कुमारी तथा चौकीदार अंकित कुमार गुप्ता शामिल थे।











