Location: Garhwa
गढ़वा जिले के चिनियाँ प्रखंड में अबुआ आवास योजना के अंतर्गत की गई फर्जी निकासी की जांच में सभी आरोप सही पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद उपायुक्त दिनेश यादव ने प्रखंड के कई कर्मियों और एक जनप्रतिनिधि पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की है। मामला ग्राम पंचायत डोल से संबंधित है, जहाँ फर्जी वर्क कोड बनाकर मनरेगा मद से मजदूरी राशि निकाली गई और डोभा निर्माण कराए बिना ही भुगतान दिखाया गया था।
जिला स्तरीय जांच पूरी होने पर संबंधित कर्मियों और जनप्रतिनिधि से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई। ग्राम पंचायत डोल की मुखिया पुष्पा देवी पर फर्जी निकासी में संलिप्तता पाए जाने के बाद उपायुक्त ने उनके निलंबन की अनुशंसा पंचायती राज निदेशक, झारखंड सरकार को भेजी है। पंचायत सचिव अरूप कुमार मंडल को लापरवाही और अनियमितता के कारण झारखंड सरकारी सेवक नियमावली 2016 के नियम 9(1) के तहत तत्काल निलंबित कर दिया गया है तथा निलंबन अवधि का मुख्यालय प्रखंड कार्यालय डंडई निर्धारित किया गया है।
मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी रोशन कुमार को फर्जी निकासी में दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है। इसी तरह ग्राम पंचायत डोल के तत्कालीन ग्राम रोजगार सेवक अनूप सिंह, वर्तमान ग्राम रोजगार सेवक श्रवण करकेट्टा और प्रखंड कंप्यूटर सहायक अनूप कुमार की भी सेवा समाप्त कर दी गई है, क्योंकि इन सभी की भूमिका फर्जी निकासी में पाई गई।
इसके अतिरिक्त चिनियाँ प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी को निरीक्षण व पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही के लिए उपायुक्त ने सख्त चेतावनी दी है और कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन ने मामले में शामिल सभी आरोपितों से राशि वसूली के आदेश भी जारी किए हैं।











