Location: Manjhiaon
मझिआंव (प्रतिनिधि):
सीओ प्रमोद कुमार पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेने और राशि मांगने पर आवेदकों को मारने के लिए दौड़ाने के मामले में उपायुक्त दिनेश कुमार यादव के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) संजय कुमार पांडेय ने गुरुवार को मझिआंव प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू की।
हंगामे की पृष्ठभूमि और पूछताछ
जांच के दौरान एसडीओ ने 20 जून को अंचल कार्यालय में हुए हंगामे की जानकारी कर्मचारियों से ली। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाने वाले नरविंद कुमार एवं श्याम बिहारी साव से भी विस्तार से पूछताछ की। एसडीओ ने पूछा कि उन्होंने रकम किसे दी, क्या कोई प्रमाण है, और क्या उन्होंने सीओ से दुर्व्यवहार किया था। इस पर दोनों ने दुर्व्यवहार से इनकार करते हुए बताया कि वे तो सीओ द्वारा मारने की धमकी के कारण भयभीत होकर भागे थे।
रिश्वत देने का दावा, ड्राइवर को सौंपने की बात
दोनों ने दावा किया कि सीओ प्रमोद कुमार ने उनसे कहा था कि राशि उनके ड्राइवर अमित कुमार को दे दें। उन्होंने यह भी बताया कि दो किस्तों में 50 हजार रुपये देने के बावजूद उन्हें भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया गया। बाद में जब राशि वापस मांगी गई, तो सीओ ने पहले उन्हें नाजीर कक्ष में बंद किया और फिर मारने की धमकी दी। वे किसी तरह जान बचाकर भागे और उपायुक्त से शिकायत की।
सीसीटीवी फुटेज जांच में बाधा
एसडीओ ने मामले की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज देखना चाहा, लेकिन पाया गया कि कैमरे काफी समय से खराब हैं और उनका पासवर्ड पूर्व बीडीओ के पास है। इस पर एसडीओ ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह गंभीर लापरवाही है कि कार्यालय का सीसीटीवी लंबे समय से खराब है और इसे दुरुस्त करने की कोई पहल नहीं की गई।
क्या है भूमि विवाद का मामला
जानकारी के अनुसार, नरविंद कुमार एवं श्याम बिहारी साव ने खाता 533, प्लॉट 148 एवं 257 में 3 और 4 डिसमिल जमीन सुरेंद्र सिंह से खरीदी थी और दाखिल-खारिज भी हो चुका था। जब वे मकान निर्माण की प्रक्रिया में थे, तभी सुरेंद्र सिंह के भाई महेंद्र सिंह ने दावा किया कि भूमि का बंटवारा नहीं हुआ है, और निर्माण कार्य रुकवा दिया।
इस मामले को लेकर दोनों ने अंचल पदाधिकारी से संपर्क किया था, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि सीओ द्वारा कब्जा दिलाने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
एसडीएम ने कहा – जांच जारी है
इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीएम संजय कुमार पांडेय ने कहा कि “जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, पूरी पड़ताल के बाद ही कोई निष्कर्ष निकाला जा सकता है।” दोनों आरोप लगाने वाले रैयतों को आगे की पूछताछ के लिए गढ़वा कार्यालय बुलाया गया है।
सीओ ने आरोपों को बताया गलत
इधर सीओ प्रमोद कुमार ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं, सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी।”
अब देखना यह है कि जांच के निष्कर्ष क्या निकलते हैं और क्या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती है या नहीं।











