मेराल (गढ़वा)।
सीआईएसएफ (CISF) के सब-इंस्पेक्टर और मेराल थाना क्षेत्र के तरके गांव निवासी दीपक पांडे का निधन 3 सितंबर (बुधवार) को जयपुर में इलाज के दौरान हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
4 सितंबर को एयर एंबुलेंस के माध्यम से दिल्ली से रांची और फिर सड़क मार्ग से उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव तरके लाया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। शोक संतप्त वातावरण में कोयल नदी के मुक्तिधाम पर पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। विभाग के जवानों ने उन्हें सलामी दी।
सेवा और समर्पण का जीवन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपक पांडे ने वर्ष 2017 में सीआईएसएफ में सेवा जॉइन की थी, और पदोन्नति पाकर सब-इंस्पेक्टर बने थे। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद विभागीय स्तर पर उन्हें जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं इलाज के दौरान 3 सितंबर को उनका निधन हो गया।
अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया। स्वजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामीणों और आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रशासनिक व सामाजिक प्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
शोक की इस घड़ी में मेराल अंचल अधिकारी व प्रभारी बीडीओ यशवंत नायक, एसआई रवि कुमार, प्रधान सहायक मुरारी मिश्रा, झामुमो नेता जवाहर पासवान, धनंजय तिवारी सहित कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने दीपक पांडे के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए पीछे
दीपक पांडे अपने पीछे एक पुत्र एवं एक पुत्री को छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन से परिवार, विभाग और समाज को गहरी क्षति हुई है।











