Location: Shree banshidhar nagar
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में देव रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सचिव रवि प्रकाश, सह सचिव चंदन कुमार, अभिभावक प्रतिनिधि शशिकला, सदस्य संजीव कुमार, अभिभावक दिलेश्वर सिंह, ध्रुव कुमार एवं भरत सिंह व्यास ने संयुक्त रूप से मां शारदे, भारत माता, ओम तथा अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया। प्रतियोगिता में अरुण से द्वितीय कक्षा तक के नन्हें विद्यार्थियों ने श्रीराम, सीता, राधा, कृष्ण, गणेश, शिव, काली और मीरा जैसे विभिन्न देव रूपों में सजकर मंच पर मनमोहक झांकी प्रस्तुत की।छोटे-छोटे बच्चों की भोली छवि में देवत्व का दर्शन कर उपस्थित अभिभावकगण अभिभूत हो उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा। इस दाैरान भजन भी गाए गए। बच्चों की इस आकर्षक देव रूप सज्जा को देखकर अभिभावकवृंद भी रोमांचित और आह्लादित हो उठे।
विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
जिसमें कक्षा अरुण से द्वितीय तक के भैया बहनों ने विभिन्न देव रूपों में अपनी मनमोहक प्रस्तुति दिया।
प्रतियोगिता में अरुण से प्रभात कक्षा : प्रथम स्थान – वैदिका प्रिया एवं इनाक्षी वर्मा
प्रथम से द्वितीय कक्षा : प्रथम स्थान – अभिनव
वाटिका स्तर : प्रथम स्थान – शिवांशी रमण
वहीं, हर्ष श्रीवास्तव और हर्षित श्रीवास्तव को शिव व काली रूप में झांकी प्रस्तुत करने के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के सचिव रवि प्रकाश ने कहा कि बच्चों का यह रूप देखकर प्रतीत होता है कि हमारी संस्कृति और परंपरा आज भी पूरी तरह जीवित है। इस देव रूप सज्जा प्रतियोगिता में नन्हें-मुन्नों ने जिस उत्साह और भक्ति भाव के साथ प्रस्तुति दी, वह अभिभूत करने वाली है। इस तरह के आयोजन बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं और उनमें नैतिकता, संस्कार तथा आत्मविश्वास का विकास करते हैं।
प्रधानाचार्य रविकांत पाठक ने कहा कि विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व और आस्था जगाना है। श्रीराम, कृष्ण, शिव, काली जैसे देव रूपों में बच्चों का सजना यह दर्शाता है कि उनमें आध्यात्मिकता और संस्कारों का बीजारोपण हो रहा है। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी केवल शिक्षा में ही नहीं, बल्कि संस्कृति और चरित्र निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में विजेता भैया-बहनों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य सुधीर प्रसाद श्रीवास्तव, अविनाश कुमार, नंदलाल पांडेय, नीरज सिंह, प्रदीप कुमार गुप्ता, हिमांशु झा, सुजीत कुमार दुबे, विक्रम प्रसाद, सत्येन्द्र प्रजापति, कृष्ण कुमार पांडेय, ऋषिकेश तिवारी, उमेश कुमार, दिनेश कुमार, अशोक कुमार, कृष्ण मुरारी, प्रसून कुमार, प्रियम्बदा, आरती श्रीवास्तव, रेणु पाठक, तन्वी जोशी, सलोनी कुमारी, नेहा कुमारी, रंजना श्रीवास्तव, खुशबू सिंघल, अंशु कुमारी और पल्लवी जायसवाल की महती भूमिका रही। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन तन्वी जोशी ने किया। अंत में कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।











