Location: कांडी
गढ़वा। कांडी प्रखंड के बलियारी गांव में श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ को लेकर बुधवार को गांव में उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सुंदर राज जी महाराज का आगमन हुआ। ग्रामीणों ने सुंडीपुर से महाराज को लेकर ठाकुर बाड़ी मंदिर परिसर में पहुंचे। जहां विधिवत पूजा-अर्चना किया गया। वहीं मंत्र्योच्चार साथ महायज्ञ के लिए निर्धारित स्थल ठाकुर बाड़ी परिसर में ध्वजा लगवाया। मौके पर सुंदर ही महाराज ने कहा कि यज्ञ से ही विश्व का कल्याण होगा। यज्ञ केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है। जिसका उद्देश्य आत्म-शुद्धि और समाज की समृद्धि है। यह अग्नि के माध्यम से ईश्वर से जुड़ने का एक मार्ग है, जिसके द्वारा व्यक्ति को ज्ञान, शक्ति और शांति की प्राप्ति होती है। यज्ञ की सफलता के लिए यजमान की भावना और सही विधि का पालन करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि धन की तीन गति होती है। दान, भोग व नाश। इसलिए मनुष्य को इसे ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए। मौके पर महाराज के साथ पधारे अभिषेक शास्त्री ने कहा कि एक साथ भगवंत और संत का सानिध्य प्राप्त होना सौभाग्य की बात है। दुनिया किसी को नहीं उठाती, सही रास्ते पर चलने वालों को दुनिया गिरा सकती है लेकिन गिरे हुए लोगों को संत या भगवंत ही उठाते हैं। यज्ञ एक ऐसा अनुष्ठान, पद्धति है। जिससे किसी जाति समुदाय का नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र को फ़ायदा होता है। भारत ही ऐसा देश है जो विश्व की कल्याण के लिए अनुष्ठान करते हैं। संसार का कल्याण करने वाला और भगवान को प्रसन्न करने वाला अनुष्ठान यज्ञ है। इससे पहले महाराज का स्वागत सेवा निवृत शिक्षक श्रवण दुबे, रामनाथ दुबे, सच्चिदानंद दुबे, गुप्तेश्वर दुबे, शंकर दुबे, महेंद्र नाथ दुबे, रामदास दुबे, हृदयानंद शुक्ला, अवतार राम, प्रसाद राम आदि ने माल्यार्पण कर किया। मौके पर महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष आनंद दुबे, कार्यकारी अध्यक्ष रामलला दुबे, प्रधान सचिव शशिकांत दुबे, धर्मेंद्र दुबे, धीरज दुबे आदि उपस्थित थे।











