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Location: सगमा/मेराल
सगमा,– प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय दुसाया में महाशिवरात्रि के अवसर पर विद्यार्थियों ने शिवलिंग का सुंदर निर्माण कर भारत की सांस्कृतिक समरसता को दर्शाया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक पंकज राय ने कहा कि महाशिवरात्रि पर विद्यालय में अवकाश रहता है, लेकिन कई बच्चे इसके महत्व से अनभिज्ञ रहते हैं। बच्चों की जिज्ञासा को देखते हुए विद्यालय में महाशिवरात्रि के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि भगवान शिव सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता के प्रतीक हैं। वे साकार और निराकार दोनों रूपों में पूज्य हैं। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जिसे श्रद्धालु महाशिवरात्रि के रूप में मनाते हैं।
इस अवसर पर श्रद्धालु शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं और कई लोग उपवास भी रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।