Location: Garhwa
गढ़वा : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के मीडिया पैनलिस्ट सह केंद्रीय सदस्य धीरज दुबे ने देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार में लोकतंत्र की आत्मा को कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थानों के प्रमुखों और उच्च अधिकारियों के लगातार इस्तीफे यह संकेत हैं कि देश अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ रहा है।
धीरज दुबे ने कहा कि चुनाव आयोग, सूचना आयोग, न्यायपालिका, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों की स्वतंत्रता पर दबाव बढ़ा है, जिससे निष्पक्ष कार्य असंभव हो गया है। उन्होंने 2016 से अब तक आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन, उर्जित पटेल, नीति आयोग के अरविंद पनगढ़िया, अरविंद सुब्रमण्यम, एनएससी सदस्यों सहित कई अधिकारियों के इस्तीफों का हवाला दिया। हाल ही में उपराष्ट्रपति के अचानक त्यागपत्र ने स्थिति को और स्पष्ट कर दिया है।
उन्होंने कहा कि आज असहमति की आवाज़ को दबाने का दौर है। यह लोकतंत्र के लिए घातक है। विपक्षी दलों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हों।












