Location: कांडी
कांडी प्रतिनिधि: झालसा रांची एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) गढ़वा के निर्देशानुसार कांडी प्रखंड के राजकीय उच्च विद्यालय सोहगाड़ा में लिटरेसी क्लास सह सशक्तिकरण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं लिटरेसी क्लब के प्रभारी शिक्षक जितेन्द्र राम ने की।
यह कार्यक्रम विधिक सहायता केंद्र कांडी के पीएलवी रामनरेश मेहता, परशुराम, कृष्ण यादव एवं नवनीत कुमार दुबे के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विधिक सहायता केंद्र कांडी के संचालक रामनरेश मेहता ने कहा कि बच्चों को अभी से अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों को भी समान रूप से शामिल किया गया है ताकि हर नागरिक अपने समाज और देश के प्रति उत्तरदायी बने।
उन्होंने कहा कि समाज में अभी भी कई कुरीतियाँ जैसे डायन प्रथा, बाल विवाह और अंधविश्वास जैसी बुराइयाँ मौजूद हैं। इन्हें दूर करने में लड़कियाँ अपनी तार्किकता और वैज्ञानिक चेतना के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
नवनीत कुमार दुबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए समाज सुधारक राजा राममोहन राय के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार राजा राममोहन राय ने सती प्रथा जैसी अमानवीय कुरीति को समाप्त करवाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और बंगाल सती रेगुलेशन एक्ट 1829 के माध्यम से समाज में सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया।
प्रधानाध्यापक जितेन्द्र राम और सभी पीएलवी सदस्यों ने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक जलवायु परिवर्तन पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक चेतना के साथ-साथ पर्यावरण और प्रकृति के प्रति संवेदनशील होना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम में मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य एवं विधिक सहायता केंद्र के माध्यम से मिलने वाली कानूनी सहायता की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक जितेन्द्र राम, शिक्षक मो. शकील अंसारी, अन्य शिक्षकगण एवं विद्यालय के सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।











