Location: Meral
मेराल: गरीबों के लिए भेजा गया सरकारी राशन थाना में पहुंचने का मामला उजागर हुआ है। गुरुवार को गढ़वा एसडीएम संजय कुमार पांडे ने मेराल में दाल-भात केंद्र और एफसीआई खाद्यान्न गोदाम का औचक निरीक्षण किया, जहां बड़ी लापरवाही और अनियमितता सामने आई।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने दाल-भात केंद्र की संचालिका बिंदा देवी की अनुपस्थिति में खाना बनाने वाली चिंता देवी से गुरुवार को बने भोजन की मात्रा और उपभोग से संबंधित जानकारी मांगी, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। एसडीएम ने जब रजिस्टर, खाद्यान्न स्टॉक और केंद्र के बोर्ड के बारे में पूछा, तो वहां कुछ भी उपलब्ध नहीं मिला।
एसडीएम श्री पांडे ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र का संचालन पूरी तरह से गड़बड़ है और संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा।
इसी दौरान निरीक्षण स्थल के पास एक व्यक्ति को एक बोरा चावल ले जाते हुए देखा गया। पूछताछ में उसने बताया कि यह चावल डीलर चूल्हन सिंह द्वारा दिया गया है।
एसडीएम जब मौके पर एफसीआई गोदाम पहुंचे, तो चूल्हन सिंह से पूछताछ की गई। डीलर ने बताया कि थाना स्टाफ द्वारा दो बोरा गेहूं मांगा गया था, जिसके बदले उसने एक बोरा चावल दिया।
इस खुलासे के बाद एसडीएम संजय कुमार पांडे ने डीलर को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि गरीबों का राशन किसी भी हालत में थाना या किसी गैर-हकदार व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी हरकत दोहराई गई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि गरीबों का अनाज थाना तक पहुंचना बेहद गंभीर मामला है, जिसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना को लेकर मेराल विधायक प्रतिनिधि डॉ. लालमोहन ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि “गरीबों के हक का राशन गबन करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
मेराल का यह मामला प्रशासनिक तंत्र की ढिलाई और पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़ा करता है। गरीबों के लिए भेजे गए अन्न का थाना में इस्तेमाल होना न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि मानवता के नाम पर कलंक है।












