मझिआंव। नगर पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच अध्यक्ष पद की प्रत्याशी सत्येश्वरी दुबे उर्फ सत्या दुबे चर्चा का केंद्र बनी हुई है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण युवाओं को रोजगार तथा भ्रष्टाचार जैसे प्रमुख मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका चुनाव लड़ने का उद्देश्य केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि नगर पंचायत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और महिलाओं व युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
विकास को बताया पहली प्राथमिकता।
सत्या दुबे ने कहा कि नगर पंचायत मझिआंव क्षेत्र में सड़क, नाली, स्वच्छ पेयजल, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई जैसी मूलभूत समस्याएं आज भी पूरी तरह हल नहीं हो पाई हैं। उन्होंने वादा किया कि चुने जाने के बाद विकास कार्यों में पारदर्शिता लाई जाएगी और हर वार्ड में समान रूप से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
सत्या दुबे ने अपने चुनावी एजेंडे में महिला सशक्तिकरण को अहम स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में महिलाओं के लिए स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जाएगा और महिलाओं की भागीदारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा, “जब तक महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत नहीं होंगी, तब तक समाज का समग्र विकास संभव नहीं है।”
युवाओं को रोजगार दिलाने की प्रतिबद्धता
युवाओं की बढ़ती बेरोजगारी को गंभीर मुद्दा बताते हुए सत्या दुबे ने कहा कि नगर क्षेत्र में छोटे उद्योग, कौशल विकास केंद्र और स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने युवाओं के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण, तकनीकी प्रशिक्षण तथा स्टार्टअप मार्गदर्शन की व्यवस्था कराने की बात कही।
उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो युवाओं का पलायन भी रुकेगा।
जनसंपर्क अभियान में मिल रहा समर्थन
चुनावी प्रचार के दौरान सत्या दुबे घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रही हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि साफ छवि और जनहित के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरने से उन्हें जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
नगर पंचायत चुनाव में इस बार विकास और सामाजिक मुद्दों पर जोर देखने को मिल रहा है। ऐसे में सत्या दुबे का यह चुनावी एजेंडा मतदाताओं को कितना प्रभावित करता है, यह आने वाला समय ही बताएगा।











