
Location: Garhwa
: सामाजिक परिवर्तन का केंद्र है गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर : राकेश पाल
गढ़वा : अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार से संबद्ध जिलास्तरीय गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर के मुख्य भवन की ढलाई की गयी.चैत नवरात्रि के अवसर पर यहां चल रहे नौ दिवसीय गायत्री अनुष्ठान के क्रम में अष्टमी तिथि को मां गौरी के पूजन के साथ इस ढलाई में गायत्री परिजनों सहित स्थानीय समाजसेवियों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया. काफी संख्या में लोगों ने आर्थिक सहयोग के साथ अपना श्रमदान भी किया. छत की ढलाई कार्य की शुरूआत पूजन के साथ किया गया. स्थानीय समाजसेवी राकेश पाल ने मुख्य यजमान के रूप में पूजन किया. तत्पश्चात करीब पांच हजार वर्गफीट के भवन की ढलाई की गयी. विदित हो कि गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन बाइपास में कल्याणपुर में अवस्थित है. इसी केंद्र से पूरे गढ़वा जिले में गायत्री परिवार की सारी गतिविधियों का संचालन होता है. शक्तिपीठ स्थल परिसर में महाकाल का मंदिर और मां गायत्री का मंदिर पहले से निर्मित है. नवरात्रि की अष्टमी तिथि को सुबह में मां गौरी के विशेष पूजन के साथ मुख्य भवन की ढलाई की गयी. मुख्य यजमान के रूप में शामिल होकर पूजन के पश्चात समाजसेवी राकेश पाल ने कहा कि गायत्री परिवार सच्चे रूप में आध्यात्मिक कार्य कर रहा है. गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर सामाजिक व आध्यात्मिक परिवर्तन का केंद्र है. इसके संस्थापक ने 21वीं सदी में पूरी दुनिया को बदलने की घोषणा की है. जिस सूत्र पर चलते हुये आज के दिन गायत्री परिवार के पूरी दुनिया में करोड़ों लोग जुड़कर युग निर्माण के कार्य में अपनी भूमिका निभा रहे हैं. साथ करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव आये हैं. उन्होंने कहा कि वे भी गायत्री परिवार के साथ जुड़कर इस युग निर्माण अभियान में अपनी भूमिका निभायेंगे. इस अवसर पर जिला समन्वयक विनोद पाठक ने गायत्री परिवार द्वारा चलाये जा रही गतिविधियों के विषय में जानकारी दी. मुख्य प्रबंध ट्रस्टी संजय सोनी ने कहा कि गायत्री परिवार आज के दिन दुनिया के 90 देशों में कार्य कर रहा है. गढ़वा जिले में एक भवन के अभाव में सारी गतिविधियों को चलाने में असुविधा हो रही थी, जिसे लोगों के सहयोग से पूरा किया जा रहा है. पूजन संतन मिश्रा, शोभा पाठक व अनिता देवी ने संपन्न कराया. इस अवसर पर भूमिदाता सरयू चंद्रवंशी, भाजपा नेता विनय चंद्रवंशी, सहायक प्रबंध ट्रस्टी डॉ आलोक रंजन दूबे, अखिलेश कुशवाहा, वृंदा ठाकुर, अनिल विश्वकर्मा, गौतम विश्वकर्मा, संत कुमार, अशाेक विश्वकर्मा, सुनीता देवी, रानी कुमारी, मान्सी कुमारी सहित काफी संख्या में महिला-पुरूष उपस्थित थे.