Location: Manjhiaon

मझिआंव प्रखंड सभागार में किसानों के लिए केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण शिविर का आयोजन बीडीओ कनक की अध्यक्षता में किया गया। शिविर में किसानों को केसीसी ऋण से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां विस्तारपूर्वक दी गईं।
इस अवसर पर बीटीएम दयानंद पांडेय ने किसानों को केसीसी ऋण की प्रक्रिया, लाभ और शर्तों के बारे में बताया। वहीं सीएफएल कोऑर्डिनेटर गुरुदेव विश्वकर्मा एवं प्रशिक्षिका अंजू कुमारी द्वारा किसानों और किसान मित्रों को ईटी (ET) से संबंधित प्रशिक्षण एवं जानकारी दी गई।
जानकारी देते हुए बताया गया कि केसीसी ऋण पर कुल 7 प्रतिशत ब्याज दर लागू होती है, जिसमें से राज्य सरकार द्वारा 4 प्रतिशत तथा केंद्र सरकार द्वारा 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के रूप में माफ किया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को अगली बार शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। यह ऋण किसानों को ₹25,000 से लेकर ₹2 लाख तक दिया जाता है।
शिविर के दौरान केसीसी ऋण के लिए कुल 9 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें ग्रामीण बैंक से 4 आवेदन, सेंट्रल बैंक से 1 आवेदन एवं एसबीआई बरडीहा शाखा से 4 आवेदन शामिल हैं। बताया गया कि अब तक ग्रामीण बैंक में 2700, सेंट्रल बैंक में 3000 तथा एसबीआई बरडीहा शाखा में 600 केसीसी ऋण धारक हैं। साथ ही अभी भी केसीसी ऋण के आवेदन लिए जा रहे हैं।
वहीं किसान मित्र आनंद कुमार दुबे ने शिविर में अपनी बात रखते हुए कहा कि किसान मित्रों द्वारा सभी लाभुकों के आवेदन बैंक में जमा किए जाते हैं, लेकिन बिचौलियों के कारण वास्तविक लाभुकों को समय पर ऋण नहीं मिल पाता है। इसका खामियाजा किसान मित्रों को किसानों के आक्रोश के रूप में भुगतना पड़ता है, जबकि वास्तविक जरूरतमंद किसान खेती-बाड़ी के लिए ऋण से वंचित रह जाते हैं।
इस मौके पर ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक उमाशंकर चौधरी, सेंट्रल बैंक के अकाउंटेंट प्रकाश कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सुरेश सिंह, बीटीएम दयाशंकर पांडेय, सीएफएल कोऑर्डिनेटर गुरुदेव विश्वकर्मा, प्रशिक्षिका अंजू कुमारी, किसान मित्र आनंद कुमार दुबे, सदैव पासवान, कामता प्रसाद ठाकुर, रणजीत उपाध्याय, अनंत तिवारी सहित बड़ी संख्या में किसान, किसान मित्र एवं विधायक प्रतिनिधि भानु प्रताप पासवान उपस्थित थे।











