Location: सगमा
सगमा/धुरकी ( गढ़वा )धुरकी प्रखंड के कर्पूरी ठाकुर पर्यटन स्थल सुखलदरी मैं भारत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छता के प्रति स्वच्छ मिशन का मंखोल उड़ाया जा रहा है सरकार स्वच्छता के प्रति चाहे कितनी भी योजना बना ले या कितना भी पर्यतन कर ले आम आम के बिना सहभागिता के कोई भी योजना या सकारात्मक सोच पूरी नहीं हो सकती है इसका जीता जागता उदाहरण सुखल दरी स्थित जलप्रपात है जहां मकर संक्रांति के अवसर पर हजारों के भीड़ ने उपस्थित होकर कनहर नदी में स्नान कर पास स्थित शिव मंदिर में पूजा पाठ किया तथा विभिन्न तरह के पकवान और व्यंजन का सेवन भी किया कनहर नदी स्थित जलप्रपात में आयोजित मेला में हजारों लोगों ने जिसमें झारखंड छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश एवं बिहार के लोग शामिल थे शिरकत की जहां पानी के बोतल फाइबर युक्त का प्लेट का कप का सेवन किया गया था मेला समाप्त होने के बाद सरकारी अधिकारी या फिर मेला आयोजन समिति या कोई स्वयंसेवी संस्था ने इसके साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया फल स्वरूप मेला आयोजन समाप्त होने के बाद वहां पर पानी की खाली बोतल फाइबर युक्त का प्लेट कार्टून प्लास्टिक बहुत कुछ यहां वहां बिखरा पड़ा एक तरह से कहा जाए की गंदगी का अंबार लगा हुआ है मुखिया प्रतिनिधि के नेतृत्व में गठित मेला आयोजन समिति भी एक तरह से निष्क्रिय दिखाई पड़ती है साफ सफाई पर ध्यान नहीं देती है या एक गंभीर मामला है जिस पर स्थानीय प्रशासन सहित सभी को ध्यान देना चाहिए सफाई नहीं होने के बाद यह सब कचरा नदी में ही समाहित हो जाएगा और एक तरह से कहे तो यह नदी में समाहित होकर पूरे नदी को गंदा करते हुए गंगा जी में सम्मिलित हो जाएगा गंगा जी के सफाई के लिए करोड रुपए के ड्रीम प्रोजेक्ट बना है अगर आम जनमानस गंगा जी में मिलने वाले छोटी बड़ी सभी नदियों के प्रवाह स्थल पर अपने स्तर से सफाई करने लगे या स्वच्छता पर ध्यान दें तो बहुत हद तक गंगा जी की गंदगी को रोकथाम किया जा सकता है।











