Location: Garhwa
गढ़वा। स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों से लेकर राजस्व, विकास योजनाओं और समाज कल्याण विभाग की योजनाओं तक को लेकर गुरुवार को जिला प्रशासन में दिनभर गतिविधियां तेज रहीं। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में अलग-अलग बैठकों में विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, योजनाओं में तेजी लाने, निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने और लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर अंतिम परेड पूर्वाभ्यास
15 अगस्त को गढ़वा के गोविंद इंटर कॉलेज (टाउन हॉल) मैदान में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को लेकर गुरुवार को परेड का अंतिम पूर्वाभ्यास हुआ। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा और पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने पूर्वाभ्यास का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली।
उपायुक्त ने परेड में शामिल विभिन्न टुकड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए पूरे स्वाभिमान और गर्व के साथ परेड में शामिल होने को कहा। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को परेड आकर्षक और बेहतर दिखनी चाहिए। मुख्य समारोह में सुबह 9 बजे झंडोत्तोलन किया जाएगा।
राजस्व मामलों को समय सीमा में निपटाने का निर्देश
उपायुक्त की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व वसूली, आपदा प्रबंधन, भू-हस्तांतरण, दाखिल-खारिज, नामांतरण, भूमि सीमांकन, डीसीएलआर अपील और प्रमाण पत्र निर्गत करने समेत विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बिना आपत्ति वाले दाखिल-खारिज के मामलों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर और आपत्ति वाले मामलों का निष्पादन 90 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया। 90, 120 या इससे अधिक दिनों से लंबित मामलों को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
भूमि सीमांकन के आवेदनों पर अमीन को निर्धारित समय पर कार्रवाई करने तथा भूमि विवाद से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। राजस्व वसूली करने वाले विभिन्न विभागों को भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत राजस्व वसूली करने को कहा गया।
आपदा प्रबंधन के तहत अति वृष्टि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को अब तक 13.54 लाख रुपये तथा अग्निकांड से पीड़ित लोगों को 4.96 लाख रुपये मुआवजा भुगतान किए जाने की जानकारी बैठक में दी गई।
विकास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान, विकसित भारत-जी राम जी, बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन, युक्तधारा और पंचायती राज विभाग की योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने लंबित और अपूर्ण योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2024-25 और अबुआ आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूरा कराने तथा लाभुकों को मिलने वाली राशि और निर्माण की विभिन्न अवस्थाओं की नियमित निगरानी का निर्देश दिया गया।
विकसित भारत-जी राम जी के तहत पंचायतों में जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने, जॉब कार्ड का ई-केवाईसी, भू-टैगिंग और बिरसा सिंचाई कूप से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को कहा गया।
15वें वित्त आयोग के तहत कम व्यय वाले डंडा, धुरकी, डंडई, खरौंधी, मझीआंव, रंका, बिशुनपुरा, नगर उंटारी, बरडीहा और बड़गड़ प्रखंडों को उपलब्ध राशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पोषण योजनाओं की भी समीक्षा
जिला समाज कल्याण विभाग की बैठक में पोषण ट्रैकर, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, बच्चों को मिलने वाले गर्म पका भोजन, एफआरएस, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और SAAMAR कार्यक्रम की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने सभी पात्र लाभार्थियों का एफआरएस शत-प्रतिशत पूरा कराने और आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पीएमएमवीवाई के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करते हुए निर्धारित लक्ष्य पूरा करने को कहा गया।
SAAMAR कार्यक्रम के तहत नामांकित बच्चों का नियमित फॉलोअप करने और जिन बच्चों की पिछले छह माह से SAM/MAM स्थिति की रिपोर्टिंग नहीं हुई है, उनका री-वेरिफिकेशन कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि पोषण और समाज कल्याण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मियों को क्षेत्र भ्रमण, अनुश्रवण और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।










