Location: Manjhiaon
मझिआंव: थाना क्षेत्र के बोदरा पंचायत अंतर्गत गोपालपुर गांव निवासी 26 वर्षीय प्रिंस दुबे उर्फ गोलू दुबे उर्फ प्रियांश दुबे को मझिआंव पुलिस ने वाराणसी से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में गढ़वा जेल भेज दिया। आरोपी के विरुद्ध एक नाबालिग किशोरी को भगाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी के लिखित आवेदन के आधार पर मझिआंव थाना कांड संख्या 58/26, दिनांक 4 जून 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि आरोपी किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। बाद में किशोरी के वापस आने पर उसके आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले में किशोरी का मेडिकल परीक्षण तथा न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में सब इंस्पेक्टर संजय मुंडा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वाराणसी से आरोपी को गिरफ्तार किया। गुरुवार को रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य जांच कराने के बाद उसे गढ़वा जेल भेज दिया गया।
: बकरी को लेकर हुए विवाद में अधेड़ की पिटाई, गंभीर रूप से घायल
मझिआंव: बरडीहा थाना क्षेत्र के सेमरी गांव में बकरी को लेकर हुए विवाद में एक अधेड़ व्यक्ति को लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घायल नंदू यादव (55 वर्ष) को पुलिस की सहायता से इलाज के लिए रेफरल अस्पताल मझिआंव भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया।
इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि घायल के सिर में गंभीर चोट लगी है तथा शरीर के अन्य हिस्सों में भी कई चोटों के निशान हैं।
अस्पताल में उपचार के दौरान नंदू यादव ने बताया कि उनका लगभग छह वर्षीय नाती, जिसकी मां का निधन हो चुका है, घर के आंगन में खेल रहा था। इसी दौरान उसने उनके भाई की बकरी को हल्का सा मार दिया। इसी बात को लेकर उनके भतीजे मुकेश यादव, विकेश यादव, कमलेश यादव सहित अन्य लोगों ने मिलकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में उनका सिर फट गया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
नंदू यादव ने आरोप लगाया कि उनके साथ यह तीसरी बार मारपीट की घटना हुई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से न्याय दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में बरडीहा थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने बताया कि घायल के इलाज के बाद आवेदन प्राप्त होने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।