Location: Ranka
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग पर उठे सवाल
रंका (गढ़वा): रंका थाना क्षेत्र के नगारी गांव में मंगलवार देर रात एक भयावह हादसा हो गया। करीब एक बजे जंगली हाथियों के दल ने गांव में धावा बोलते हुए विजय सिंह (65 वर्ष) के घर की दीवार गिरा दी। मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाथियों का दल घने जंगलों की ओर लौट गया।
घटना के समय विजय सिंह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में सो रहे थे। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर बाकी परिजन घर के दूसरे कोने में दुबक गए और किसी तरह जान बचाई। काफी देर बाद गांव वालों ने पहुंचकर मलबे में दबे शव को बाहर निकाला।
सूचना मिलने पर वन विभाग और रंका पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने मुआवजा देने का आश्वासन दिया, जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया।
ग्रामीणों के अनुसार, नगारी गांव जंगलों के समीप बसा है और बीते कई महीनों से इस क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक बना हुआ है। अब तक दर्जनों इंसानों और मवेशियों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके वन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सरकार और वन विभाग से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं से निजात दिलाने के लिए ठोस और कारगर योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जंगली जानवरों के हमलों को रोकने के लिए स्थायी समाधान आवश्यक है।
यह भी उल्लेखनीय है कि रंका पूर्वी एवं पश्चिमी वन क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों में वर्षों से हाथियों का आतंक लगातार बना हुआ है, जिससे जान-माल की भारी क्षति हो रही है।











