Location: Bhavnathpur
भवनाथपुर। क्षेत्र में तापमान में लगातार गिरावट के साथ मौसम जनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। स्थानीय चिकित्सक डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि सर्दी की शुरुआत में सर्दी-जुकाम, खांसी, वायरल बुखार, साइनस और फंगल संक्रमण के मामले बढ़ते हैं। उनके अनुसार ठंड के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे संक्रमण की आशंका अधिक हो जाती है।
डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि खान-पान और दिनचर्या में लापरवाही से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में बीमारी का जोखिम और बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को सुबह-शाम ठंडी हवा से बचने, गर्म कपड़े पहनने, विटामिन-सी युक्त फल खाने और अदरक, हल्दी, तुलसी तथा शहद जैसे पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी। उन्होंने घरों में नमी न बनने देने और साफ-सफाई बनाए रखने पर जोर दिया।
फंगल संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टर ने त्वचा को सूखा रखने, गीले कपड़े तुरंत बदलने और पसीने वाले स्थानों पर एंटीफंगल पाउडर उपयोग करने की सलाह दी।
इसी संबंध में स्थानीय विद्यालय के शिक्षक अशोक कुमार ने कहा कि ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत पर जल्दी असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि स्कूल में बच्चों को ठंड से बचाव संबंधी जागरूकता दी जा रही है और उन्हें गर्म कपड़े पहनकर आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिक्षक ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों में खांसी, बुखार या संक्रमण के किसी भी प्रारंभिक लक्षण को हल्के में न लें और समय पर चिकित्सक से परामर्श कराएँ।
डॉ. सूर्यकांत ने यह भी कहा कि संक्रमण के शुरुआती लक्षण दिखने पर स्वयं दवा न लें और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। चिकित्सक और शिक्षक दोनों ने लोगों से मौसम के अनुरूप सावधानी बरतने और जागरूक रहने की अपील की है।












