Location: सगमा
सगमा, गढ़वा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता दीपक प्रताप देव ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। सगमा स्थित अपने भोजपुर गढ़ में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस्तीफे की घोषणा करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव मजबूती के साथ लड़ने का ऐलान किया। उनके इस निर्णय से भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपक प्रताप देव ने भावुक होकर झामुमो से अपना इस्तीफा पत्र मीडिया के समक्ष प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने तन, मन और धन से अपने बड़े भाई एवं भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत लगाई थी। चुनाव हुए लगभग दो वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में उन्हें एक भी बड़ी योजना धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान दिन-रात मेहनत कर पार्टी को जीत दिलाने वाले समर्पित कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया गया है और चाटुकार कार्यकर्ताओं से घिरे रहने के कारण पुराने कार्यकर्ताओं में निराशा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता और कार्यकर्ताओं से किए गए वादों में से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ।
दीपक प्रताप देव ने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने भारी मन से झामुमो के सभी पदों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि फिलहाल किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने के बजाय एक सप्ताह के अंदर अपनी अलग पार्टी का गठन कर जनता के बीच जाएंगे।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करने से पहले भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में एक सड़क का जीर्णोद्धार और एक चापाकल लगवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि यदि यह काम नहीं हुआ तो वे अपना नामांकन भी दाखिल नहीं करेंगे।
दीपक प्रताप देव ने कहा कि वे ‘एक बूथ, 50 यूथ’ के संकल्प के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। उन्होंने अपने बड़े भाई और भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में आर-पार की राजनीतिक लड़ाई का ऐलान किया।
हालांकि, उन्होंने झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी में रहते हुए उनसे मिले सहयोग और सम्मान को वे हमेशा याद रखेंगे।
दीपक प्रताप देव के इस्तीफे और अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।










