Location: रांची
रांची: झारखंड के नायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन अनंत यात्रा पर चले गए हैं। जीवन की अंतिम यात्रा वहीं समाप्त होगी जहां से शुरू हुई थी। यह जगह है उनका पैतृक गांव नेमरा। इससे अच्छा और क्या होगा कि जिस गांव में जन्मे, जिस मिट्टी में पले बढ़े उसी मिट्टी में फिर मिल गए।
इसी मिट्टी ने तो पहचान दी। नाम दिया। शोहरत दी। वह सब कुछ दिया जिसकी कल्पना आदमी नहीं कर सकता है। गुरुजी ने भी नहीं सोचा होगा कि एक पिछड़े गांव व आदिवासी परिवार में पैदा हुआ बेटा देश दुनिया में नाम रोशन करेगा। महानायक बन जाएगा । अंत में अपनी मिट्टी में मिल जाने का फैसला इससे बेहतर क्या हो सकता है। मेरा यह मानना है कि सब कुछ इस मिट्टी की ऊर्जा की देन है। मां और मिट्टी का कर्ज उतारना मुश्किल है।
धन्य है वह मिट्टी जिसने शिबू सोरेन को जन्म दिया।
।। मिट्टी के लाल को कोटि-कोटि नमन।।












