Location: Garhwa
गढ़वा नगर परिषद का अस्तित्व आदिकाल से माना जाता है। सरकारी अभिलेखों में गढ़वा को वर्ष 1972 में पहली बार नगर पालिका गढ़वा के रूप में शहरी क्षेत्र के रूप में दर्ज किया गया। इस प्रकार गढ़वा की शहरी पहचान को 53 वर्ष पूरे हो चुके हैं।
वर्ष 2007 में गढ़वा को नगर पंचायत का दर्जा मिला। इसके बाद वर्ष 2016 में इसे नगर परिषद का दर्जा प्रदान किया गया। नगर परिषद बनने के बाद क्षेत्र में कुछ सड़कों और नालियों का निर्माण कराया गया।
नगर परिषद क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की स्थिति संतोषजनक नहीं है। शहर से निकलने वाले कचरे के निस्तारण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। नगर परिषद क्षेत्र की दानरों नदी और सरस्वतिया नदी के किनारे कचरा डंप किए जाने से इन नदियों की स्थिति प्रभावित हुई है।
नगर क्षेत्र में समुचित ड्रेनेज सिस्टम विकसित नहीं किया जा सका है। बरसात के समय कई वार्डों में जलजमाव की स्थिति बन जाती है। नालियों का पानी सड़कों पर बहने से आवागमन में परेशानी होती है।
नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले कई सार्वजनिक स्थलों पर दुकानों और अन्य निर्माण कार्य कराए गए हैं। इससे शहर की व्यवस्था और स्वरूप प्रभावित हुआ है। खादी बाजार मैदान, गोविंद उच्च विद्यालय मैदान और कन्या मध्य विद्यालय मैदान जैसे स्थानों पर निर्माण और अतिक्रमण के कारण आम लोगों के लिए खुले स्थान सीमित हो गए हैं।
नगर परिषद क्षेत्र में खेलकूद और सुबह की सैर जैसी गतिविधियों के लिए उपलब्ध स्थानों की संख्या घटती गई है।
वर्ष 2026 में गढ़वा नगर परिषद का चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव को लेकर नगर क्षेत्र में धीरे-धीरे राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ने लगी हैं। संभावित प्रत्याशी सक्रिय हो रहे हैं और विकास कार्यों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। नगर परिषद की कार्यप्रणाली, बुनियादी सुविधाएँ और शहरी व्यवस्था चुनावी चर्चा के प्रमुख विषय बनते जा रहे हैं।











