Location: Garhwa
गढ़वा नगर परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतर चुका है। यही कारण है कि पार्टी ने गढ़वा जैसे महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय नेताओं से लेकर प्रदेश के शीर्ष पदाधिकारियों तक का लगातार गढ़वा दौरा यह संकेत दे रहा है कि पार्टी इस चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है। इसका सीधा लाभ भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल को मिलता दिखाई दे रहा है।
पिछले तीन-चार दिनों में चुनावी परिदृश्य में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले कंचन जायसवाल की स्थिति को लेकर विभिन्न प्रकार के कयास लगाए जा रहे थे, वहीं अब पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और एकजुटता स्पष्ट रूप से नजर आ रही है। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व की सक्रियता ने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार किया है तथा वे अध्यक्ष पद के चुनाव को पूरी गंभीरता से लेने लगे हैं।
हाल ही में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, झारखंड प्रदेश संगठन प्रभारी कर्मवीर सिंह तथा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह का गढ़वा दौरा हो चुका है। इन नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की और संगठनात्मक मजबूती पर जोर दिया। सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य आदित्य साहू के भी आगामी दिनों में गढ़वा पहुंचने की संभावना है।
इन वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी अनुशासन से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। गढ़वा नगर परिषद अध्यक्ष पद के भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के विरुद्ध चुनाव मैदान में उतरे अलखनाथ पांडे के खिलाफ पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब-तलब किया गया है। इस कदम को संगठनात्मक दृढ़ता के रूप में देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं में यह संदेश साफ गया है कि पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ गतिविधि करना गंभीर परिणाम ला सकता है।
भाजपा नेतृत्व की सक्रियता और अनुशासन की सख्ती का असर स्थानीय स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बूथ स्तर तक बैठकों का दौर तेज हुआ है और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व की लगातार मौजूदगी से संगठनात्मक मजबूती बढ़ी है और इससे कंचन जायसवाल की स्थिति पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ हुई है।
फिलहाल गढ़वा नगर परिषद चुनाव में भाजपा पूरी रणनीति के साथ आगे बढ़ती दिख रही है। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी ने चुनावी माहौल को भाजपा के पक्ष में मोड़ने का संकेत दे दिया है। आने वाले दिनों में इसका स्थानीय राजनीति पर क्या व्यापक प्रभाव पड़ेगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल का पक्ष मजबूत होता नजर आने लगी है।











