Location: Bhavnathpur
भवनाथपुर। एक ओर सरकार जहां बड़े पैमाने पर पौधरोपण को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की लापरवाही और मिलीभगत से लकड़ी माफिया जंगलों का सफाया करने में लगे हुए हैं।
कैलान वन क्षेत्र में हरे पेड़ों की धड़ल्ले से अवैध कटाई हो रही है। प्रतिदिन बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से इलाके के जंगल अस्तित्व के संकट की ओर बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार वन विभाग को सूचना देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
इसी क्रम में सोमवार को कैलान नावानगर में वन सुरक्षा समिति के सदस्यों — संजय यादव, सूर्यदेव यादव, जयनाथ सिंह, मुद्रिका यादव, जोगेंद्र यादव, विकास, सुनील और धर्मेंद्र सिंह — ने मिलकर लकड़ी माफियाओं द्वारा काटे गए हरे पेड़ों की लकड़ियों को जब्त किया और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सरकार पौधारोपण पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन वन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से जंगलों को खुलेआम काटा जा रहा है। इससे जंगल की हरियाली और पर्यावरण संतुलन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
इस मामले पर वन क्षेत्र पदाधिकारी (रेंजर) प्रमोद कुमार ने कहा,
“कैलान वन क्षेत्र से पेड़ काटे जाने की सूचना मिली है। टीम को भेजा गया है। अवैध कटाई में संलिप्त लोगों की पहचान कर, उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा रही है।”
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और वन क्षेत्र की नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।












