Location: Garhwa
गढ़वा। जिले में लिंग परीक्षण रोकथाम और निजी स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली पर नकेल कसने के लिए उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला सलाहकार समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि PC & PNDT अधिनियम और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट (CEA) का उल्लंघन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होगा।
सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) को सीधे आदेश देते हुए उपायुक्त ने उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सभी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों और निजी नर्सिंग होम्स की नियमित जांच करने और अनियमितता मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने का अधिकार सौंपा है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा –
“अगर किसी केंद्र में नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो उसका पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।”
सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि वे तीनों एसडीओ के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को प्रभावी बनाएं।
बैठक में CEA के तहत निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी, क्लिनिक और नर्सिंग होम्स की पंजीकरण स्थिति, एसओपी का पालन, उपकरणों की उपलब्धता और प्रशिक्षित स्टाफ की स्थिति की भी गहन समीक्षा हुई। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि बिना पंजीकरण कोई भी निजी स्वास्थ्य संस्थान संचालित नहीं किया जा सकता। और यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो तत्काल सील कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि 25 जुलाई तक नए सोनोग्राफी सेंटर और अस्पताल खोलने के लिए लंबित आवेदनों का निष्पादन अनिवार्य रूप से कर दिया जाए।
“स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” उपायुक्त श्री यादव ने कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत, जवाबदेह और आम जनता के हित में हो।
उपस्थित अधिकारीगण:
अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, नगर उंटारी प्रभाकर मिर्धा, रंका रुद्र प्रताप, सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ कैनेडी, डीपीएम नीरज भगत सहित अन्य स्वास्थ्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।











