Location: Ranka
रंका (गढ़वा) प्रखंड के आवासीय विद्यालय कुदरुम में पढ़ने वाले बिश्रामपुर, बंसकटिया, कुदरुम और ढेगुरा गांव के दर्जनभर से अधिक नौनिहालों के नशे की चपेट में आने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें चौथी–पांचवीं कक्षा के छात्र सन्फिक्स ड्रग, गुटखा, शराब और गांजा के सेवन की बात स्वीकार करते दिख रहे हैं।
(वीडियो की सत्यता की पुष्टी किसी अन्य माध्यम द्वारा नहीं की गई है।)
स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रबंधन दोनों को इस स्थिति की जानकारी होने के बावजूद रोकथाम के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। नतीजतन देश का भविष्य कहे जाने वाले नौनिहाल धीरे-धीरे नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार सन्फिक्स जैसी जहरीली वस्तु बिश्रामपुर के बाईसप्लॉट क्षेत्र में एक किराना दुकान पर बच्चों को आसानी से थोक में उपलब्ध हो जाती है। यही नहीं, विद्यालय परिसर के आसपास छोटे-छोटे गुमटी और दुकानों में गुटखा, गांजा, भांग, कफ सिरप और अन्य नशीले पदार्थ खुलेआम बेचे जा रहे हैं, जिससे बच्चे और युवा नशे की दुनिया में खिंचते जा रहे हैं।
इसका असर परिवारों पर भी पड़ रहा है, जिसके चलते कई महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं। यह स्थिति सभ्य समाज के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।
ज़रूरत है कि समाज, विद्यालय प्रबंधन और सरकारी तंत्र मिलकर तत्काल सकारात्मक पहल करें, ताकि नौनिहालों को नशे के जाल से बाहर निकालकर उनकी जिंदगी सुरक्षित की जा सके।











