Location: Bhavnathpur
भवनाथपुर: अवैध बालू कारोबार पर प्रशासन की छापेमारी, माफियाओं में हड़कंप
भवनाथपुर
भवनाथपुर थाना क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे बालू के अवैध कारोबार पर प्रशासन ने एक्शन लेते हुए सोमवार को भवनाथपुर-केतार मुख्य पथ स्थित सागर मोड़ के समीप बालू लदे ट्रैक्टर और टीपर की जांच की।
अनुमंडल पदाधिकारी (सीओ) शंभु राम के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में दोनों वाहनों पर चालान मिला, परंतु ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण चालक को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
सीओ शंभु राम ने बताया कि क्षेत्र में अवैध बालू खनन की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है और आगे भी इस पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मामला गंभीर:
सूत्रों के अनुसार, एनजीटी की रोक के बावजूद कैलान के सुरक्षित वन क्षेत्र की झोंक, खड़ार, और चमईनी दाई नदियों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन और परिवहन किया जा रहा है।
माफिया बूढ़ीखांड नदी से बालू उठाकर बरडीहा में डंप कर, वहां से कैलान-बरडीहा के जंगली रास्तों से भवनाथपुर पहुंचाते हैं। फर्जी चालान के माध्यम से भी बालू बेचे जाने की पुष्टि हुई है।
रात्रि गश्त के बावजूद अवैध ट्रैक्टरों पर कार्रवाई न होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना है कि प्रशासन की यह तत्परता आगे भी बरकरार रहती है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
अबुआ आवास योजना में गड़बड़ी की जांच तेज, लाभुकों से रिश्वत लेने का आरोप बीडीसी पर
भवनाथपुर
अबुआ आवास योजना में अयोग्य लाभुकों को लाभ देने और रिश्वत मांगने की शिकायत पर भवनाथपुर बीडीसी चंदन ठाकुर के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं।
उपायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को भूमि सुधार उपसमाहर्ता परमेश्वर कुशवाहा ने लाभुकों के घर-घर जाकर जांच की। जांच में सामने आए तीन प्रमुख केस:
- संगीता देवी केस:
किराये के मकान में रह रही संगीता देवी ने आरोप लगाया कि बीडीसी चंदन ठाकुर ने आवास दिलाने के एवज में ₹10,000 की मांग की थी, जिसमें ₹3,000 वह दे चुकी थीं।
वहीं, संगीता के पूर्व पति बबन पासवान ने आरोप लगाया कि बीडीसी उनकी पत्नी को अपने साथ रखना चाहता था और दबाव डालता था, जिससे तंग आकर उन्होंने पत्नी को छोड़ दिया। - राजू कुमार डोम केस:
राजू कुमार ने आरोप लगाया कि बीडीसी ने ₹3,000 लिए और लगातार पैसों की मांग कर रहा था। झोपड़ी में रहने के बावजूद उसे बार-बार धमकी दी जाती थी। - हरि बैठा केस:
शिकायतकर्ता द्वारा हरि बैठा को सेल कर्मी बताकर अयोग्य करार देने की कोशिश की गई। जांच में पता चला कि वह सेल कर्मचारी नहीं हैं और उन्हें पूर्व में कोई आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने भी बीडीसी द्वारा ₹5,000 मांगने की बात कही।
जांच अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
🔴 भवनाथपुर-कैलान-बरडीहा मुख्य सड़क की हालत बदतर, ग्रामीण बेहाल
भवनाथपुर
भवनाथपुर प्रखंड में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण भवनाथपुर-कैलान-बरडीहा मुख्य सड़क की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। लगभग 8 किलोमीटर लंबी यह सड़क बरसात में कीचड़ से लबालब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है ग्रामीणों की व्यथा:
स्थानीय निवासी रामप्रताप यादव, अनिल यादव, अजीत साह समेत कई लोगों ने बताया कि यह मार्ग बरडीहा सहित कई गांवों का एकमात्र संपर्क मार्ग है।
बारिश में कीचड़ और गड्ढों से होकर न सिर्फ पैदल चलना मुश्किल होता है, बल्कि मरीजों को अस्पताल ले जाना और बच्चों को स्कूल पहुंचाना भी मुसीबत बन गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हर चुनाव में सड़क निर्माण का वादा होता है, लेकिन जीत के बाद नेता गायब हो जाते हैं। प्रशासन भी लगातार ज्ञापन और मांगों के बावजूद चुप्पी साधे है।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि मीडिया और जनदबाव से प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा।












