Location: कांडी
कांडी प्रतिनिधि:
राजकीयकृत +2 उच्च विद्यालय कांडी की पूर्व प्रधानाध्यापिका विद्यानी बाखला के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर शिक्षा विभाग कठघरे में आ गया है। अनुसूचित जनजाति की इस महिला शिक्षिका के समर्थन में अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) खुलकर सामने आ गई है और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
ABVP के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रिंस कुमार सिंह ने गुरुवार को प्रेस को बताया कि विद्यानी बाखला एक ईमानदार, कर्मठ और अनुशासित शिक्षिका थीं। उनकी कार्यशैली से विद्यालय के ही कुछ सहयोगी शिक्षक असंतुष्ट थे, जिससे दो गुट बन गए। इसी विवाद के बीच उन्हें षड्यंत्रपूर्वक एक भ्रष्टाचार के झूठे मामले में 7 अगस्त 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा गिरफ्तार करवाया गया।
बैठक पंजी में छेड़छाड़ से जुड़ा है मामला
विवाद 26 अप्रैल 2024 को आयोजित “प्रोजेक्ट इंपैक्ट” बैठक से शुरू हुआ। आरोप है कि बैठक के बाद शिक्षक अलाउद्दीन (राजकीय उच्च विद्यालय हरिहरपुर, वर्तमान में प्रतिनियुक्त – डाइट रेहला) और आदित्य प्रसाद गुप्ता (प्रभारी प्रधानाध्यापक, हरिहरपुर) द्वारा बैठक पंजी में मनमाने ढंग से बदलाव किए गए।
विद्यानी बाखला ने इस छेड़छाड़ को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया और उच्चाधिकारियों को शिकायत दी। जिला शिक्षा अधीक्षक गढ़वा के निर्देश पर मामले की जांच हुई, जिसमें दोनों शिक्षकों को दस्तावेजों में हेराफेरी और कूट रचना का दोषी पाया गया।
रिपोर्ट के बावजूद कार्रवाई नहीं
जांच रिपोर्ट अगस्त 2025 में जिला शिक्षा अधीक्षक को सौंप दी गई, परंतु ABVP का आरोप है कि डीईओ दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर विद्यानी बाखला ने मानवाधिकार आयोग तक शिकायत की, लेकिन अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला।
ABVP की चेतावनी
प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि यह केवल एक शिक्षिका से अन्याय नहीं, बल्कि एक आदिवासी महिला के आत्मसम्मान और अधिकारों का हनन है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो ABVP आंदोलन के लिए बाध्य होगी।











