Location: Garhwa
गढ़वा:
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश यादव ने प्रशासनिक अनुशासनहीनता के एक गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 27 दिसंबर 2025 को प्रखण्ड कार्यालय भंडरिया के निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद की गई।
निरीक्षण के क्रम में पंचायत सचिव श्री परमा राम को कार्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि वे लगातार पिछले आठ दिनों से कार्यालय में उपस्थित नहीं थे।
जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि संबंधित पंचायत सचिव द्वारा अपने पदस्थापित प्रखण्ड भंडरिया में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज न कर अन्य स्थानों से उपस्थिति बनाई जा रही थी, जो सरकारी सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त द्वारा 29 दिसंबर 2025 को श्री परमा राम से स्पष्टीकरण मांगा गया था। 30 दिसंबर 2025 को प्राप्त उनका स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर उपायुक्त श्री यादव ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया।
निलंबन अवधि के दौरान पंचायत सचिव का मुख्यालय प्रखण्ड कार्यालय केतार निर्धारित किया गया है। साथ ही निलंबन काल में उन्हें नियम 96 के अंतर्गत जीवन-यापन भत्ता देय होगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनियमितता और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे भी इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।












