Location: Meral
मेराल (गढ़वा)। मेराल थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध बालू का कारोबार बड़े पैमाने पर जारी होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि रात के समय कनहर नदी के बालचौरा घाट से अवैध रूप से बालू का उठाव कर टीपर और हाईवा वाहनों के माध्यम से मेराल थाना क्षेत्र के गेरूआ, हासनदाग, मेराल समेत आसपास के कई गांवों में पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह अवैध कारोबार धुरकी प्रखंड के बालचौरा कनहर नदी घाट से संचालित होकर विभिन्न गांवों तक फैला हुआ है। आरोप है कि ब्रोकर और दलालों के माध्यम से बालू को गांवों में डंप कर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। इस कारण जहां एक ओर झारखंड सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस अवैध कारोबार में कुछ प्रभावशाली लोगों और कथित सफेदपोश नेताओं की भी संलिप्तता बताई जा रही है, जिसके कारण कारोबार से जुड़े लोग बेखौफ होकर रात के समय बालू ढुलाई कर रहे हैं। इस संबंध में एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दावा किया कि इस धंधे में शामिल लोगों का “सब जगह मैनेजमेंट” है और वाहनों की आवाजाही के लिए कथित रूप से तय “एंट्री फीस” भी दी जाती है।
बताया जाता है कि अवैध बालू ढुलाई में यूपी 64 सीटी 0775 नंबर की एक गाड़ी सहित कई अन्य वाहन शामिल हैं, जो रात लगभग 9 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक क्षेत्र में लगातार आवाजाही करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार से चलने वाले इन वाहनों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। कुछ दिन पूर्व डंडई प्रखंड के बैरियादामर के पास अवैध बालू से लदा एक टीपर अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर से टकरा गया था। हालांकि इस मामले में भी किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले की जांच कर कार्रवाई करता है या यह मामला चर्चा तक ही सीमित रह जाता है।












