Location: Shree banshidhar nagar
24 घंटे का निर्जला उपवास कर की पूजा-अर्चना, मंदिरों में दिखी श्रद्धा और आस्था
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा): अनुमंडल मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में रविवार को पुत्र-पुत्रियों की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) किया। इस अवसर पर घरों और मंदिरों में दिनभर पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन होते रहे। महिलाओं ने 24 घंटे का निर्जला उपवास रखकर जीवित वाहन बाबा से अपनी संतान के लंबी आयु और जीवन में सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
नहाए-खाए अनुष्ठान से हुई शुरुआत
शनिवार को महिलाओं ने नहाए-खाए अनुष्ठान कर इस पर्व की शुरुआत की। इसके बाद रविवार को पूरे नियम-कानून के साथ जीवित्पुत्रिका व्रत रखा गया। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व माना गया है। यह कठिनतम व्रतों में से एक है, जिसमें महिलाएं बिना अन्न और जल ग्रहण किए पूरी रात-दिन व्रत करती हैं।
मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़
जीवित्पुत्रिका व्रत को लेकर मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पेट्रोल पंप स्थित गायत्री शक्तिपीठ, भवनाथपुर मोड़ स्थित हनुमान मंदिर, अहिपुरवा काली मंदिर, चेचरिया पंचमुखी महादेव मंदिर और पाल्हे कला स्थित आशुतोष महादेव मंदिर सहित कई मंदिरों में महिलाओं ने सामूहिक पूजन-अर्चन किया।
गायत्री शक्तिपीठ में बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं। यहां परिवाजक ललसु राम एवं विवेक सुमन ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जीवित वाहन बाबा की विशेष पूजा कराई। इसके बाद व्रती महिलाओं ने कथा श्रवण किया और संतानों की दीर्घायु तथा परिवार की खुशहाली की कामना की।
संतान की लंबी आयु की प्रार्थना
कर्मकांडी सोमेश्वर तिवारी ने बताया कि आश्विन मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाता है। इसमें महिलाएं जीवित वाहन बाबा की पूजा कर अपनी संतान की लंबी उम्र और हर दुख-बाधा से रक्षा की प्रार्थना करती हैं। अगले दिन व्रती महिलाएं पारण कर व्रत का समापन करती हैं। उधर व्रत को लेकर शनिवार और रविवार को बाजारों में काफी चहल-पहल देखी गई। महिलाओं ने पूजा सामग्री, फल और सब्जियों की जमकर खरीदारी की।
महिलाओं की बड़ी संख्या रही शामिल
इस अवसर पर व्रत रखने वाली महिलाओं में मीना देवी, अनीता देवी, मधु कुमारी, कंचन गुप्ता, आशा देवी, निर्मला देवी, शारदा देवी, सुषमा देवी, चंदा देवी, बिना देवी, गीता देवी, निकिता देवी, ज्योति देवी, प्रांजलि देवी, प्रेरणा कुमारी, नितिशा कुमारी, इंद्रावती देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।












