Location: Manjhiaon
मझिआंव (प्रतिनिधि)। नगर पंचायत क्षेत्र के बाजार स्थित मां दुर्गा मंदिर का 10वां स्थापना दिवस शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
कार्यक्रम के दौरान महिला श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और सोहर गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। मंदिर समिति की ओर से महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बताया गया कि इस मंदिर की स्थापना 14 मार्च 2016 को की गई थी। इससे पहले वर्ष 1976 में उसी स्थान पर जाने-माने समाजसेवी एवं व्यवसायी दुखी साव द्वारा पूजा-अर्चना की शुरुआत की गई थी। उस समय मंदिर का निर्माण नहीं हुआ था और पीपल के पेड़ की जड़ के समीप श्रद्धालु पूजा किया करते थे। बाद में 14 मार्च 2016 को मंदिर का निर्माण होने के बाद शतचंडी महायज्ञ आयोजित कर मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई।
तब से लेकर आज तक दूर-दराज से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर मां के दरबार में आते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मां उनकी मुरादें पूरी करती हैं, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक होती है। विशेष रूप से चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
मंदिर के पुजारी अशोक पाठक लंबे समय से मां की सेवा करते आ रहे हैं और वृद्धावस्था के बावजूद आज भी पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं।
मंदिर के संचालन के लिए “मां दुर्गा मंदिर सेवा समिति” का गठन किया गया है। समिति में मुख्य संरक्षक के रूप में पुजारी अशोक पाठक, अध्यक्ष चंदन कमलापुरी, सचिव काशीनाथ कमलापुरी उर्फ टुकु कमलापुरी, कोषाध्यक्ष उज्ज्वल कुमार, सह सचिव वीरेंद्र प्रसाद तथा उपाध्यक्ष नितेश कमलापुरी शामिल हैं।
इसके अलावा संरक्षक मंडल में आर्य भास्कर, रघुनाथ शर्मा, अनिल कमलापुरी, प्रेमानंद त्रिपाठी, जयशंकर कमलापुरी, मारुति नंदन सोनी, नीरज कमलापुरी, उमा कमलापुरी, अशोक कमलापुरी, संजय कमलापुरी, पवन जायसवाल और विवेक सोनी शामिल हैं। सक्रिय सदस्यों में बबलू कमलापुरी, मनीष गुप्ता, राहुल जायसवाल, पप्पू जायसवाल सहित कई श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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