Location: कांडी
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रसिद्ध सतबहिनी झरना तीर्थ में बुधवार से तीन दिवसीय मेले का आगाज हुआ। मेले के पहले ही दिन झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु व पर्यटक सतबहिनी पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र श्रद्धा और उत्साह से सराबोर नजर आया। यह मेला वर्ष भर में आयोजित होने वाले पांच प्रमुख मेलों में चौथे स्थान पर आता है।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सतबहिनी झरना परिसर और आसपास के मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बनी रही। कई घंटों तक दोपहिया और चारपहिया वाहन फंसे रहे, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। देर शाम तक श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा।सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारी असफाक आलम पुलिस बल के साथ मुस्तैद दिखे और भीड़ नियंत्रण में जुटे रहे। मेले के दौरान सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने वालों की भी बड़ी संख्या देखी गई।झरना घाटी के पश्चिमी मेला मैदान में झारखंड समेत कई राज्यों से आए व्यापारियों ने मिठाई, श्रृंगार सामग्री, वस्त्र, होटल, चाट-नमकीन, लोहे व कास्ट से बनी वस्तुएं सहित सैकड़ों प्रकार की दुकानें लगाईं, जहां दिनभर रौनक बनी रही। बच्चों और युवाओं के आकर्षण का केंद्र टावर झूला और नाव झूला रहे।इस मेले में स्थानीय करीब 100 गांवों के अलावा झारखंड के विभिन्न जिलों एवं देश के कई राज्यों से श्रद्धालु भाग लेते हैं। मेला 14 जनवरी से 16 जनवरी 2026 तक आयोजित होगा, जबकि मकर संक्रांति का मुख्य पुण्य काल 15 जनवरी की सुबह माना गया है, जिस दिन और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है।मेले की संपूर्ण व्यवस्था मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के सैकड़ों सदस्यों द्वारा संभाली जा रही है। समिति के अध्यक्ष एवं विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने सतबहिनी झरना पहुंचकर सुरक्षा व व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। समाचार लिखे जाने तक किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।कार्यक्रम के दौरान समिति के सचिव मुरलीधर मिश्र के अलावा सुदर्शन तिवारी, विभूति नारायण द्विवेदी, ध्रुव कुमार पांडेय, असर्फी सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, रमेश तिवारी, निरंजन सिंह, अतीस सिंह, लाला पांडेय सहित कई पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।












