Location: Garhwa
गढ़वा। सदर एसडीएम संजय कुमार ने मीडिया में प्रकाशित समाचारों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मझिआंव के बकोइया स्थित बालू डंप यार्ड का औचक निरीक्षण किया। यह घाट किसी लव सिंह के नाम पर है। मौके पर मालिक अनुपस्थित मिले, लेकिन उनके संबंधी अनुज सिंह, प्रबंधक आनंद चौबे व अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
जांच के दौरान सामने आया कि औचक छापेमारी से कुछ मिनट पहले जिस व्यक्ति ने खुद को फ़ोन पर आनंद चौबे बताया था, वही मौके पर एसडीएम को गुमराह करने के लिए आनंद सिंह बनकर पेश हुआ। हालांकि सख़्त पूछताछ में वह टिक नहीं सका और सच्चाई कबूल करनी पड़ी।
मौके पर कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि अब तक बालू की बिक्री ₹9000 प्रति टिपर (200 सीएफटी) में हो रही थी, जबकि इसकी वास्तविक सरकारी कीमत मात्र ₹1500 है। उन्होंने गलती मानते हुए भविष्य में ऐसा न करने की बात कही।
एसडीएम संजय कुमार ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों के लिए निर्धारित वस्तुओं को मुनाफाखोरी कर मनमाने दामों पर बेचना गंभीर अपराध है। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए कठोर कार्रवाई का संकेत दिया और जिला खनन पदाधिकारी से स्थिति स्पष्ट करने व प्रतिवेदन देने को कहा।
छापेमारी के दौरान एक ट्रक बालू से लदा खड़ा मिला, लेकिन उसका खरीदार और डेस्टिनेशन कोई नहीं बता सका। जांच में नाम सामने आया कि ट्रक किसी रिंकू तिवारी का है, जो जेएसएमडीसी यार्ड के पूर्व एमडीओ रह चुके हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सरकारी यार्ड से बालू उठाकर निजी प्लॉट में डंप किया जा रहा था, ताकि उसे निजी यार्ड दिखाया जा सके।
एसडीएम ने कहा कि यदि अबुआ आवास या प्रधानमंत्री आवास जैसी गरीब हितैषी योजनाओं के लाभुकों को मनमाने दामों पर बालू खरीदनी पड़ी, तो योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने खनन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अनुमंडल क्षेत्र में कहीं भी पंजीकृत घाटों से अनाप-शनाप दरों पर बालू बिक्री न हो।












