Location: Manjhiaon
मझिआंव। प्रखंड क्षेत्र के खरसोता गांव में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मेन रोड तीनमुहान और गोसांग रोड के आसपास दर्जनभर से अधिक घरों में तीन से चार फीट तक पानी घुस गया है। इससे प्रभावित परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार घरों में पानी घुसने से अनाज, कपड़े, बर्तन समेत अन्य घरेलू सामान पानी में डूब गए हैं। पानी भर जाने के कारण कई घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है। पश्चिम दिशा में स्थित डैम में करीब आठ से दस फीट पानी जमा है, जिससे आसपास के घरों में भी पानी पहुंच गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब चार वर्षों से बारिश के मौसम में इसी तरह की स्थिति बन रही है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल घरों में पानी घुसता है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण कई बार सड़क जाम कर चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, बीडीओ सह सीओ और स्थानीय विधायक को लिखित आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि अनिरुद्ध राम, बुधन राम, सुरेंद्र राम, समझरिया देवी सहित कई लोगों के कच्चे मकान पानी के कारण बैठने के कगार पर हैं। घर और आंगन जलमग्न हैं। कई चापाकल पानी में डूब गए हैं और शौचालय भी पानी में डूबे हैं। इससे पेयजल और स्वच्छता की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों में सांप-बिच्छू का भी डर बना हुआ है।
इधर, बुधवार को उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के मझिआंव और कांडी प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण की जानकारी मिलने पर खरसोता के ग्रामीण उनसे मिलने के लिए इंतजार करते रहे। ग्रामीणों के अनुसार कुछ लोग अपनी समस्या बताना चाहते थे, लेकिन उपायुक्त की गाड़ी नहीं रुकने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
खरसोता पंचायत की मुखिया प्रतिनिधि विजय राम, समाजसेवी अखिलेश विश्वकर्मा सहित ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पानी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा सड़क जाम करने को बाध्य होंगे। समाचार लिखे जाने तक किसी प्रशासनिक अधिकारी के गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की जानकारी नहीं थी।










