Location: Garhwa
गढ़वा: असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गढ़वा कार्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अन्र्तगत एक दिवसीय कार्यशाला स्थानीय सूरत पाण्डेय डिग्री काॅलेज, गढ़वा में एनएसएस एवं एनसीसी के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को आयोजित की गयी। इस मौके पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को तम्बाकू सेवन से होने वाले बिमारियों के प्रति आगाह किया गया।
इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. हिमांशु भूषण जारुहार ने कहा कि तम्बाकू जानलेवा है। तम्बाकू, गुटखा का सेवन व्यस्क, बुढ़े एवं बच्चे खुलेआम करते हैं। यह हमारा दायित्व है कि अपने संस्थान, समाज एवं आसपास, कही भी जहां तक संभव हो सके तम्बाकू सेवन से हो रहे नुकसान की चर्चा करें। आज यह जरुरी हो गया है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनटीसीपी के साइकोलाॅजिस्ट कुमार संजीव शरण ने कहा कि तम्बाकू के सेवन से विश्व में प्रति वर्ष 54 लाख से अधिक लोगों की मौत होती है। विश्व में तम्बाकू सेवन के कारण मुंह से संबंधित कैंसर से होता है। इसके सेवन से ह्रदय एवं रक्त संबंधी रोग भी तेजी से होती है। उन्होने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम अन्र्तगत आत्महत्या रोकथाम विषय पर भी व्याख्यान दिया। वहीं जिला तम्बाकू परामर्शी निरज कुमार ने राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अन्र्तगत व्याख्यान में कहा कि जिन्दगी चुने तम्बाकू नही। यदि आप तम्बाकू छोड़ना चाहते हैं तो सदर अस्पताल, गढ़वा के तम्बाकू नशामुक्ति केन्द्र में सम्पर्क करें। इस अवसर पर महाविद्यालय मादक पदार्थ निषेध कोषांग के नोडल पदाधिकारी प्रो. राजीव रंजन मिश्रा एवं प्रो. प्रमिला ने भी इस विषय पर महत्वपूर्ण बातें रखी। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. कमलेश सिन्हा ने किय जबकि प्रो. परवेज आलम, प्रो. भरत उपाध्याय आदि ने भी इस विषय पर बाते रखीं। मौके पर एनसीसी के एएनओ प्रो. धीरेन्द्र कुमार मिश्रा, प्रो विवेकानंद उपाध्याय, डा. अरुण तिवारी, डा. बिनोद द्विवेदी, डा. संजीव मिश्रा, प्रो. बिरेन्द्र पाण्डेय, प्रो. अखिलेश पाठक, प्रो. किरण कुमारी, प्रो. नीलम गुप्ता, प्रो. शबनम आदि समेंत एनएसएस, एनसीसी तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।












