Location: सगमा
सगमा (गढ़वा ):धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मरचइयाया गांव में आयोजित 9 दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ। महायज्ञ के पहले दिन आयोजित कथा प्रवचन में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही यज्ञ स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। दूर-दराज़ के गांवों और कस्बों से लोग कथा श्रवण के लिए पहुंचे और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया।
महायज्ञ के अवसर पर वाराणसी से पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक विभव उपाध्याय ने श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया। अपने ओजस्वी और भावपूर्ण प्रवचन के माध्यम से उन्होंने भगवान की भक्ति, धर्म और मानव जीवन के मूल्यों पर प्रकाश डाला। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और उसे आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है।
कथा वाचक विभव उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य भौतिक सुखों की दौड़ में आध्यात्मिकता से दूर होता जा रहा है, जबकि सच्ची शांति भगवान के नाम स्मरण और सत्संग में ही निहित है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान कई श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर जयकारे लगाते नजर आए।
महायज्ञ स्थल पर पूरे दिन भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा। यज्ञाचार्यों द्वारा विधि-विधान से हवन और पूजा संपन्न कराई गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने आहुति देकर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि यह महायज्ञ लगातार नौ दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन यज्ञ, भजन-कीर्तन और श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। अंतिम दिन पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। महायज्ञ के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य और सफल बना दिया। आयोजकों ने सभी भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रवचन सुनकर अपने जीवन मे उतारनें की जरूरत है।











