रांची : रांची में पहली बार क्षत्रिय गौरव एकता समागम का आयोजन पुराना विधानसभा मैदान में रविवार को किया गया. समागम में भारी भीड़ उमड़ी. झारखंड के सभी जिलों से क्षत्रिय समाज के लोग समागम में पहुंचे थे. आकर्षण का केंद्र रहे गोंडा उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, सांसद लवली आनंद और धनबाद के मेयर संजीव सिंह. मुख्य अतिथि बृजभूषण सिंह ने जोरदार भाषण दिया. क्षत्रिय समाज का इतिहास, वीरता और पराक्रम की चर्चा की. भगवान राम को अपना आदर्श मानते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज को मिटाने की बहुत कोशिश की गई लेकिन यह समाज न मिटा है न कभी मिटेगा. हमारा इतिहास जिंदा है. इतिहास देखना है तो राजस्थान और दिल्ली जाइए. दिल्ली में पांडवों का किला व पृथ्वीराज चौहान का किला, राजस्थान में चित्तौड़गढ़ से लेकर हर जगह बड़े-बड़े राजा महाराजाओं के किले हैं. उनकी विरासत हमारा इतिहास है. हमारा इतिहास गौरवशाली है. जिस पर समाज को गर्व है.
उन्होंने कहा, हम सतयुग में थे, त्रेता में थे, द्वापर में थे और कलयुग में भी है. हमारे समाज के महापुरुषों पर रामायण और महाभारत लिखने वाले भी अमर हो गए. सभी ग्रंथ क्षत्रिय कुल के महापुरुषों पर लिखे गए. कहा, क्षत्रिय समाज सुरक्षित है और सुरक्षित रहेगा. इसे कोई मिटा नहीं सकता. संख्या की दृष्टि से देखना लोग बंद करें.
श्री सिंह ने कहा क्षत्रिय समाज अकेला चलना बंद करें .भगवान राम को आदर्श मानिए और सभी समाज और जातियों को साथ लेकर चलिए. भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि लंका युद्ध के समय उन्होंने किसी राजा, महाराजा से मदद नहीं मांगी.बल्कि अपनी सेना खुद तैयार की और युद्ध के मैदान में गए और रावण को पराजित किया. क्षत्रिय समाज में ताकत है कि यह सबको लेकर चल सकता है. उन्होंने कहा कि कर्म पर विश्वास कीजिए और कम कीजिए. कर्म नहीं करने वाले को भगवान भी मदद नहीं करते हैं. दूसरों में कमी ढूंढने के बदले अपनी कमी देखिए और अपने आप से बात कीजिए सब पता चल जाएगा. अपनी कमी देखेंगे तो आगे बढ़ेंगे.
अच्छी पुस्तक, अच्छी कविता पढ़िए ज्ञान मिलेगा. बुरे लोगों से दोस्ती करेंगे तो बुरा ही होंगे. उन्होंने क्षत्रिय समाज की एक एकजुटता और सामाजिक समरसता पर जोर दिया. समाज कैसे आगे बढ़ सकता है इसको लेकर उदाहरण देते हुए कई सीख दी. उन्होंने हम कौन थे, क्या हो गए और क्या होंगे इस पर विस्तार से चर्चा करते हुए एक-एक पहलू बताया.
वह एक धर्म गुरु की तरह क्षत्रिय समाज को शिक्षा देते नजर आए. उनका भाषण पूरी तरह आज के नेताओं से अलग हटकर था. वह दार्शनिक अंदाज में बोलते रहे और लोग तालियां बजाते रहे.अपने भाषण से उन्होंने सबका दिल जीत लिया. दिल खोल कर बोले. उनको देखने और सुनने के लिए लोग उतावले दिखे. मीडिया कर्मियों और क्षत्रिय समाज की भीड़ से उन्हें बड़ी मुश्किल से निकाला गया.
शिवहर की सांसद लवली आनंद ने कहा कि क्षत्रिय एकता जरूरी है. एकता में ही शक्ति है. हमारे समाज ने देश के लिए कुर्बानी दी है. इतिहास गौरवशाली है फिर भी आज हमें हाशिये पर धकेल दिया गया है. समाज पर जब अत्याचार और अन्याय होगा तो यह सहन नहीं किया जाएगा. लवली आनंद ने महिलाओं की राजनीति में भागीदारी पर जोर दिया. कहा कि आधी आबादी को भी उसका हक मिलना चाहिए. समाज के लोग अपनी बहू, बेटी और पत्नी को आगे करें. हर जगह उन्हें लेकर चलें. घरसे बाहर निकलने दे. उन्हें आगे बढ़ने का मौका दें.
उन्होंने दहेज प्रथा खत्म करने और नशा मुक्ति पर जोर दिया. कहा कि यह दोनों चीज समाज के लिए घातक है. नशा मुक्ति को लेकर आंदोलन की जरूरत है.
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि देश के लिए जब भी जरूरत पड़ी तो क्षत्रिय समाज ने अपनी कुर्बानी दी. हमारा समाज सबको साथ लेकर और जोड़कर चलता है.भगवान राम भगवान कृष्ण, भगवान गौतम बुद्ध और महावीर का जन्म भी क्षत्रिय कुल में हुआ. उन्होंने कहा कि झारखंड से मुझे बेहद लगाव है. झारखंड से ही मैंने राजनीति में प्रवेश किया और आज जो कुछ हूं उसमें झारखंड का बहुत बड़ा योगदान है. मैं यहां की धरती और यहां के लोगों का ऋणी हूँ .जब भी हमारी जरूरत पड़े आप हमें बुला सकते हैं. पटना में हम आपकी मदद के लिए तैयार रहते हैं.
क्षत्रिय गौरव एकता मंच के प्रदेश संयोजक प्रवीण सिंह ने कहा कि वह इस आयोजन के लिए सितंबर से ही पूरे झारखंड का दौरा कर रहे थे. अलग-अलग के संगठन और खेमे में बटे समाज के लोगों को एक मंच पर लाया. जिसका परिणाम आज देखने को मिल रहा है. समाज ने अपनी ताकत दिखाई है. हम समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं. बदलाव लाना चाहते हैं. हम एमपी- एमएलए नहीं बन सकते लेकिन कोई हमारी ताकत के बिना एमपी-एमएलए ना बनें यह हमें ध्यान रखना है. उन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर जोर देते हुए रांची में एक छात्रावास बनाने की घोषणा की.
धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने कहा कि धनबाद की जनता ने हमारे परिवार पर फिर भरोसा जताया है. हम स्वर्गीय स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह के बताए रास्ते पर चल रहे हैं. गरीबों की मदद करते हैं. एक साजिश के तहत मुझे फसाया गया. 8:30 वर्षों तक में जेल में रहा. धनबाद इलाके की जनता ने मुझे भारी मतों से जीता कर बड़ी जिम्मेदारी दी है. यह सब के सहयोग से हुआ है.
आयोजन के एक अन्य प्रमुख सूत्रधार चतरा के पूर्व सांसद सुनील सिंह नेआयोजन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला.कहा कि अब तलवार का समय नहीं बल्कि कलम और हल का समय है. इसीलिए आज शान के प्रतीक तलवार के बदले अतिथियों का स्वागत कलम और हल देकर किया गया. कलम पढ़ाई-लिखाई और हल खेती किसानी का प्रतीक है.
समागम को पूर्व सांसद पीएन सिंह, पूर्व विधायक गिरिनाथ सिंह, सरायकेला केला राजघराने के हेमंत सिंह देव, मेदिनीनगर के डिप्टी मेयर मनोज सिंह, धनबाद जिला परिषद के अध्यक्ष शारदा देवी, प्रेम प्रकाशनाथ शाहदेव, डॉ अजयनाथ शाहदेव सहित अनेक लोगों ने संबोधित किया. सभी जिलों से आए प्रमुख लोगों को बोलने का अवसर दिया गया. मंच का संचालन सत्यनारायण सिंह ने किया.
कार्यक्रम के सफल आयोजन में रमेश सिंह, अभिषेक सिंह सहित अनेक लोगों ने महती भूमिका निभाई. झारखंड में पहली बार इस तरह का आयोजन हुआ.जिसमें क्षत्रिय समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी रही. सभा स्थल पर भीड़ के बावजूद अनुशासन बना रहा.










