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Location: Garhwa
रांची/गढ़वा: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गढ़वा विधायक एवं सामान्य प्रयोजन समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्य सरकार को बालू संकट और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अव्यवस्थाओं के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बालू संकट पर सरकार को घेरा
विधायक तिवारी ने सदन में कहा कि झारखंड में बालू की किल्लत के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना, शौचालय निर्माण और अन्य विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण या तो बालू उपलब्ध नहीं है या फिर महंगे दामों पर बेचा जा रहा है, जिससे गरीब जनता इसे खरीदने में असमर्थ है।
उन्होंने महागठबंधन सरकार पर बालू की कृत्रिम कमी पैदा करने और सत्ता से जुड़े लोगों द्वारा इसकी कालाबाजारी कराने का आरोप लगाया। विधायक ने बताया कि जेएसएमडीसी (झारखंड राज्य खनिज विकास निगम) को बालू घाटों का संचालन सौंपे जाने के बाद टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाया गया, जिससे बालू की आपूर्ति बाधित हो गई। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर सवाल
विधायक तिवारी ने झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गंभीर रोगियों के लिए जिला मुख्यालय से रांची के रिम्स तक सीधी एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है। एंबुलेंस मरीजों को बीच के अस्पताल में छोड़कर चली जाती हैं, जिससे कई मरीजों की जान चली जाती है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के जवाब से असंतुष्ट विधायक ने सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त नहीं किया गया, तो जनता का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिलेगा।
“राज्य सरकार अवैध बालू व्यापारियों को संरक्षण देना बंद करे और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करे, वरना जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।” – सत्येंद्र नाथ तिवारी, विधायक, गढ़वा