Location: Meral
मेराल (गढ़वा), 7 मार्च। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर गढ़वा जिला इकाई ने अपनी लंबित मांगों और कार्यमुक्त मनरेगा कर्मियों की वापसी को लेकर आंदोलन की घोषणा की है। संघ ने 9 से 11 मार्च तक सांकेतिक हड़ताल करने तथा मांगें पूरी नहीं होने पर 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
मनरेगा कर्मचारी संघ के गढ़वा जिला अध्यक्ष अभिमन्यु तिवारी ने कहा कि जिले के सभी मनरेगा कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत आंदोलन में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मनरेगा कर्मियों का पिछले छह माह से अधिक समय से मानदेय बकाया है, जिसके भुगतान की मांग लंबे समय से की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से नियमितीकरण की नीति निर्माण का मुद्दा लंबित है। इसके साथ ही समान वेतन संरचना लागू करने, सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सेवा के दौरान मृत मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को न्यायसंगत मुआवजा देने की मांग भी अब तक पूरी नहीं हुई है।
अभिमन्यु तिवारी ने कहा कि गढ़वा जिले में जिला प्रशासन द्वारा कार्यमुक्त किए गए मनरेगा कर्मियों की वापसी को लेकर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जो बेहद खेदजनक है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 12 मार्च से जिले के सभी मनरेगा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों के हड़ताल पर जाने से गांवों में चल रहे मनरेगा कार्य प्रभावित होंगे। इसके परिणामस्वरूप मजदूरों को रोजगार मिलने में भी बाधा आएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।












