Location: सगमा
सगमा (गढ़वा)। प्रखंड के बीरबल गांव में उस समय मातम पसर गया जब 48 वर्षीय लालमोहमद अंसारी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर पहुंचा। बेहतर भविष्य और परिवार के भरण-पोषण के लिए बेंगलुरु गए लालमोहमद की काम के दौरान हादसे में मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार बेंगलुरु में मजदूरी के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण उनकी दर्दनाक मौत हो गई। करीब छह महीने पहले वे रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन सातवें महीने में उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। लालमोहमद अंसारी अपने पीछे दो बेटे और तीन बेटियों सहित बड़ा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य होने के कारण उनके निधन से परिजनों के सामने भरण-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि लालमोहमद अंसारी मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे रोजी-रोटी की तलाश में बाहर मजदूरी करने गए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश हादसे ने उन्हें परिवार से हमेशा के लिए दूर कर दिया।
पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही सैकड़ों ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। पूरे गांव में शोक का माहौल देखा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं।
इस मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य नंदगोपाल यादव, प्रखंड प्रमुख अजय साह, मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा, पूर्व मुखिया इशहाक अंसारी, सदर गुलाम नवी अंसारी सहित कई लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा तथा सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि कठिन समय में परिवार को सहारा मिल सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।











