Location: रांची
रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव में अभी तीन साल से अधिक का वक्त है. लेकिन भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र का राजनीतिक तापमान अभी से बढ़ गया है. राजनीति नई करवट ले रही है. अपनों के बीच तलवार खिंच गई है. तनातनी बढ़ गई है. झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव उर्फ छोटे राजा
की घेराबंदी शुरू हो गई है. बात अब बहुत आगे निकल गई है. झामुमो से जुड़े और परिवार के सदस्य भोजपुरी गढ़ के दीपक प्रताप देव और पार्टी के वरिष्ठ नेता ताहिर अंसारी के बीच 36 का रिश्ता सार्वजनिक हो चुका है. दीपक देव खुद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.
चुनाव लड़ने को लेकर देव की सक्रियता क्षेत्र में बढ़ गई है. उनके समर्थकों में उत्साह है और वह चुनाव लड़ने का ऐलान कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लड़ाई छिड़ चुकी है. भवनाथपुर में पावर प्लांट को लेकर छोटे राजा और दीपक देव के बीच सवाल- जवाब का मिम्स बनाकर वायरल किया जा रहा है. चुनौती दी जा रही है.
गत चुनाव में अनंत प्रताप देव की जीत में ताहिर अंसारी और दीपक प्रताप देव की महत्वपूर्ण भूमिका थी. दोनों ने सारथी की भूमिका निभाई थी. पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही और उनके समर्थक यह कहते भी थे कि क्षेत्र में अब तीन विधायक हैं. जनता ने एक नहीं तीन लोगों को विधायक चुना है. क्षेत्र के लोगों और अधिकारियों को विधायक की हैसियत से तीन-तीन लोग हांक रहे हैं.
इतनी जल्दी यह तिकड़ी टूट जाएगी, एक दूसरे के खिलाफ हो जाएगी यह किसी को उम्मीद नहीं थी. विधायक छोटे राजा, ताहिर अंसारी और दीपक देव पार्टी में रहते हुए भी साथ नहीं हैं . कहा जा रहा है कि ताहिर अंसारी और दीपक देव अभी साथ हैं. यह साथ चुनाव तक रहेगा या नहीं इस विषय में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी. राजनीति में कब कौन किसके साथ आ जाए और फिर विरोध में चला जाए कहना मुश्किल है.
उम्मीद है कि दीपक देव विधानसभा चुनाव में झामुमो से ही टिकट की दावेदारी करेंगे. यदि टिकट नहीं मिला तब वह दूसरे विकल्प पर विचार करेंगे. ताहिर अंसारी चुनाव लड़ेंगे या नहीं अभी यह तय नहीं है.
हालांकि ऐसी संभावना है कि 20 29 का विधानसभा चुनाव नए परिसीमन के आधार पर हो. यदि परिसीमन होता है तो भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र दो हिस्सों में बट जाएगा. तब राजनीतिक स्थिति क्या होगी कहना मुश्किल है. फिर नया समीकरण बनेगा.
विवाद की वजह क्या है, बन गए थे पावर सेंटर
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आखिर विधायक से ताहिर अंसारी और दीपक देव की दूरी बढ़ने की वजह क्या है. विधायक के करीबी लोगों का कहना है कि क्षेत्र के लगभग सभी कामकाज में ताहिर अंसारी और दीपक देव का हस्तक्षेप बढ़ गया था. दोनों पावर सेंटर बन गए थे. विधायक से अधिक चलती इन्हीं दोनों की थी. इस बात को लेकर विधायक छोटे राजा पर दबाव बढ़ता चला गया. यह बात विधायक और उनके समर्थकों को नागवार लग रही थी. नाराजगी की कई अन्य वजहें भी हैं. हस्तक्षेप की सीमा बढ़ती जा रही थी.
विधायक होने के नाते सभी चीजों की जिम्मेदारी और जवाबदेही छोटे राजा की है. इसलिए छोटे राजा भी असहज महसूस कर रहे थे. इसलिए उन्होंने भी दूरी बनाना ही बेहतर समझा. छोटे राजा पर दोनों तरफ से दबाव था. जनता और अपने समर्थकों का और दूसरी ओर ताहिर अंसारी और दीपक देव का. कई मुद्दों पर विवाद के साथ दूरी बढ़ गई.
नगर निकाय चुनाव के दौरान ताहिर अंसारी का एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ जिससे राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया. वायरल वीडियो में ताहिर अंसारी हिंदू समाज, हिंदुओं के देवी-देवता और विधायक और पूर्व विधायक के खिलाफ बोलते नजर आए. मुस्लिम समाज की एकजुटता की बात की थी. इस वीडियो ने आग में घी का काम किया.
इधर, छोटे राजा, ताहिर अंसारी और दीपक देव के बीच खटपट की खबरों से भानु प्रताप शाही और उनके समर्थकों में उत्साह है. भाजपा इस फूट का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है. भानु प्रताप शाही तो दीपक देव को ललकार रहे हैं कि आप जिस रास्ते पर चले हैं उस पर कायम रहिएगा या नहीं. कायम रहने की चुनौती दे रहे हैं. भानु प्रताप शाही को पता है कि इसी तिकड़ी की वजह से उनकी हार हुई थी.
भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में अभी से ही हलचल तेज है और राजनीति नई करवट लेने को तैयार है. छोटे राजा भी सतर्क हो गए हैं.










