Location: Garhwa
गढ़वा नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। चुनाव की तिथि 20 मार्च नजदीक आते ही नगर परिषद की राजनीति में जोड़-तोड़, रणनीति और अंदरखाने की गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुरुआती दौर में इस पद की दौड़ में करीब आधा दर्जन उम्मीदवार शामिल बताए जा रहे थे, लेकिन बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच चार उम्मीदवारों ने धीरे-धीरे मैदान छोड़ दिया। इसके बाद अब मुकाबला लगभग सीधा हो गया है और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वार्ड संख्या 6 के पार्षद घनश्याम प्रसाद की पत्नी अनीता प्रसाद और वार्ड संख्या 12 के पार्षद राजा सिंह के बीच ही असली टक्कर होने जा रही है।
दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थन को मजबूत करने के लिए लगातार रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। खबर है कि एक पक्ष ने अपने समर्थक वार्ड पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें गढ़वा से बाहर भेजने की रणनीति अपनाई है। वैसे इसे धार्मिक पर्यटन और तीर्थ यात्रा की सैर बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे चुनावी गणित को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी रणनीति के तहत करीब सात वार्ड पार्षदों को पहले ही गढ़वा से बाहर भेजा जा चुका है और उसी पक्ष की ओर से आधा दर्जन अन्य पार्षदों को भी धार्मिक स्थलों की यात्रा पर भेजने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
दूसरी ओर दूसरा खेमा भी अपनी रणनीति बनाने में पीछे नहीं है। नगर परिषद में कुल 21 वार्ड पार्षदों के गणित को देखते हुए यह पक्ष अपनी संख्या को सुरक्षित रखने की कोशिश में लगा हुआ है। बताया जा रहा है कि यह खेमा भी अपने समर्थक पार्षदों को बाहर भेजने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि मतदान तक उन्हें एकजुट रखा जा सके। हालांकि अंदरखाने से मिल रही खबरों के मुताबिक इस पक्ष के सामने फिलहाल संख्या बल को लेकर थोड़ी परेशानी दिखाई दे रही है। दो दिन पहले तक यह चर्चा थी कि इस खेमे के पार्षदों को भी धार्मिक पर्यटन की सैर पर भेजने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसी बीच उनके कुछ सदस्य खेमा बदल चुके हैं। इस घटनाक्रम ने दूसरे पक्ष की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और अब वह नए सिरे से राजनीतिक समीकरण साधने में जुटा हुआ है।
नगर परिषद की राजनीति में इस समय माहौल पूरी तरह गर्म है। लगातार बैठकों, संपर्क और रणनीतियों का दौर चल रहा है। कई वार्ड पार्षद अभी खुलकर किसी पक्ष में सामने नहीं आए हैं, जिससे चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है। कुल मिलाकर स्थिति यह संकेत दे रही है कि गढ़वा नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद का चुनाव अब बेहद रोचक मोड़ पर पहुंच चुका है। धार्मिक पर्यटन की सैर, वार्ड पार्षदों की घेराबंदी और लगातार बदलते समीकरणों के बीच सबकी नजर अब 20 मार्च पर टिकी हुई है, जब यह तय होगा कि उपाध्यक्ष की कुर्सी पर अनीता प्रसाद बैठेंगी या फिर राजा सिंह बाजी मारेंगे। अथवा अगले 8 दिनों मे कोई तीसरा पक्ष समीकरण अपने पक्ष में कर चमत्कार पैदा कर लेगा।