Location: Garhwa
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय क्षेत्र अंतर्गत सभी स्थायी संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने आज दिनांक 25 जून 2025 को विश्वविद्यालय प्रशासन की उपेक्षा और वित्तीय वर्ष 2024-25 के अनुदान हस्तांतरण में हो रही अनावश्यक देरी के विरोध में काली पट्टी लगाकर नियमित कार्य किया। यह कार्यक्रम संबद्ध डिग्री महाविद्यालय महासंघ द्वारा घोषित चरणबद्ध आंदोलन की पहली कड़ी है।
महासंघ द्वारा पूर्व में दिनांक 17 जून 2025 को कुलपति एवं कुलसचिव महोदय को ज्ञापन सौंपते हुए यह आग्रह किया गया था कि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत अनुदान राशि को 24 जून 2025 तक संबंधित महाविद्यालयों के खातों में हस्तांतरित किया जाए। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित समयावधि में कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा।
किन्तु विश्वविद्यालय प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं किए जाने के कारण महासंघ को यह आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होना पड़ा है। आज के इस प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही, तो आंदोलन के आगामी चरण और भी अधिक सशक्त और व्यापक होंगे।
महासंघ ने दोहराया है कि यह आंदोलन केवल आर्थिक अधिकारों की मांग नहीं, बल्कि संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सम्मान, गरिमा और अस्तित्व की रक्षा से जुड़ा है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन समय रहते सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो आंदोलन के अगले चरणों में विधायकों को ज्ञापन, विश्वविद्यालय मुख्यालय पर धरना, राज्यस्तरीय पदाधिकारियों से भेंट, और अंततः आमरण अनशन तक की कार्रवाई की जाएगी।
काली पट्टी लगाकर विरोध दर्ज कराने वालों में महाविद्यालय के डॉ अरुण तिवारी, प्रो बीरेंद्र पांडेय, प्रो अखिलेश पाठक, प्रो विवेकानंद उपाध्याय, डॉ विनोद द्विवेदी, प्रो भरत उपाध्याय, प्रो कमलेश सिन्हा, प्रो नीलम गुप्ता, डॉ सत्यदेव पांडेय, प्रो अखिलेश शुक्ला, डॉ हिमांशु जरुहार, प्रो अजय सिंह, प्रो धीरेन्द्र मिश्र, प्रो सत्यदेव कुमार, डॉ चंद्र कुमार, प्रो किरण कुमारी, प्रो शबनम, प्रो आशीष उपाध्याय, प्रो निकेता, ब्रजेश सिंह, सचिन चौबे, शशि पाल, अभिषेक सिंह, बिगवान तिवारी, जितेंद्र तिवारी, राजेश द्विवेदी, चंद्रकांत सिंह, रागिनी कुमारी, आनंद पाठक आदि उपस्थित थे।












