Location: Shree banshidhar nagar
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। श्रीराधा कृष्ण बंशीधर जी के पावन धाम स्थित ऐतिहासिक श्री बंशीधर मंदिर में चल रही रासलीला के तीसरे दिन मंगलवार को सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कथा का मंचन किया गया। श्री बंशीधर सूर्य मंदिर ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस लीला में दर्शाया गया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी राजा हरिश्चंद्र ने सत्य और धर्म का त्याग नहीं किया।
मंचन में दिखाया गया कि ऋषि विश्वामित्र ने उनकी परीक्षा लेने के लिए छल से उनका राजपाट और धन छीन लिया। मजबूर होकर हरिश्चंद्र ने पत्नी तारा और पुत्र रोहित को भी बेच दिया और श्मशान में नौकरी करने लगे। आगे की परीक्षा में पुत्र की मृत्यु और पत्नी पर झूठा आरोप लगने के बाद भी उन्होंने अपने वचन से समझौता नहीं किया।
भावुक कर देने वाले इस प्रसंग में चरम दृश्य तब आया, जब हरिश्चंद्र पत्नी की हत्या का आदेश मानने ही वाले थे कि देवराज इंद्र प्रकट होकर तलवार थाम लेते हैं। इसके बाद ऋषि विश्वामित्र ने अपना भ्रम त्याग दिया, रोहित को जीवनदान दिया और हरिश्चंद्र को उनका राजपाट लौटा दिया।












