Location: Garhwa
नजराना दिए बिना नहीं होता काम, 20 हजार रिश्वत वसूली का मामला भी आया सामने
गढ़वा : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोहम्मद आशिक अंसारी और उलेमा काउंसिल के सचिव संजर नवाज ने रविवार को संयुक्त प्रेस वार्ता कर गढ़वा उपायुक्त से जिले के विभिन्न प्रखंड और अंचल कार्यालयों में वर्षों से जमे कर्मचारियों का तत्काल तबादला करने की मांग की।
दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि ये कर्मचारी पूर्व के जनप्रतिनिधियों और तत्कालीन मंत्रियों के “कृपापात्र” रहे हैं। इसी कारण 5 से 7 वर्षों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं और जनता से कार्य के लिए नजराना लिए बिना कोई काम नहीं करते।
उलेमा काउंसिल के सचिव संजर नवाज ने खुलासा किया कि एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) जारी कराने के नाम पर उनसे ₹20,000 की रिश्वत ली गई। उन्होंने बताया कि तीन डिसमिल जमीन बेचने के लिए एलपीसी की जरूरत थी, लेकिन राशि दिए बिना अंचल कार्यालय से दस्तावेज जारी नहीं किया गया।
दोनों नेताओं ने गढ़वा के वर्तमान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके आने के बाद प्रशासनिक कार्यों में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे भ्रष्ट कर्मचारियों के तबादले को प्राथमिकता देंगे, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।












