Location: Shree banshidhar nagar
बंशीधर नगर:- माननीय न्यायालय झालसा के निर्देशानुसार दिन शनिवार को नगर उंटारी व्यवहार न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाया गया।जिसका शुभारंभ व्यवहार न्यायालय के एडीजे वन संजय कुमार सिंह,एडीजे टू मनोज कुमार त्रिपाठी,एसीजेएम अरविन्द कच्छप,अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेश कुमार चौबे,सिविल जज सीनियर डिवीजन सह न्यायिक दंडाधिकारी वन राकेश रोशन,सिविल जज सीनियर डिवीजन सह न्यायिक दंडाधिकारी टू कमलेश बेहरा, एसडीजेएम सह अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के सचिव आलोक ओझा,न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी सह प्रभारी न्यायाधीश अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय शैलेंद्र कुमार नापित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया।राष्ट्रीय लोक अदालत में 9 बेंच बनाया गया था।पहले बेंच पर एडीजे वन संजय कुमार सिंह,दूसरे बेंच पर एडीजे टु मनोज कुमार त्रिपाठी,तिसरे बेंच पर एसीजेएम अरविन्द कच्छप,चौथे बेंच पर राकेश रौशन,पांचवी बेंच पर कमलेश बेहरा ,छठे बेंच पर आलोक ओझा,सातवें बेंच पर शैलेंद्र कुमार नापित,आठवें व नवें बेंच पर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट थें।राष्ट्रीय लोक अदालत में 303 मामलों का निपटारा किया गया।जिसमें 49,32,827 रूपए राजस्व प्राप्त हुई।जिसमें बैंक से संबंधित 37 केस,मोटर वाहन से संबंधित 5,विद्युत संबंधित 41,एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के बेंच 193,वन विभाग से 16 व जीआर केस मामलों में 50 का निपटारा किया गया।बैंकों से ऋण प्राप्त 23,34,827 रूपए,मोटर वाहन से प्राप्त ऋण 20,10,000 रुपए तथा विद्युत विभाग से ऋण प्राप्त 4,86,000 हजार रुपए ऋण प्राप्त हुआ।व्यवहार न्यायालय के एडीजे वन संजय कुमार सिंह ने बताया कि दिन शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगाया गया है।जो जिले और अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में लगाया जाता है।इस लोक अदालत में व्यवहार न्यायालय के सभी न्यायाधीश,अधिवक्तागण,सभी विभागों के अधिकारी तथा ग्रामीण लोग उपस्थित रहते हैं। उन्होंने बताया कि दो तरह के मुकदमे होते हैं,जिसमें पहला मुकदमा क्रिमिनल तथा दूसरा सिविल के मुकदमा होते हैं।क्रिमिनल मुकदमे में जो सुलहनिय मामले है जिस मुकदमे में सुलह समझौते के तौर पर व्यवहार न्यायालय में आकर सुलहनिय के लिए आवेदन देकर दोनों पक्ष उपस्थित होकर लोक अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत के बेंचों से वैसे मामलों को सुलह-समझौते कराकर केस का निष्पादन किया जाता है। जिस दिन लोक अदालत में जिस केस का निष्पादन कर दिया गया।वह केस फाइनल हो जाता है,उसके बाद उस केस के मामले में कोर्ट का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा।एसीजेएम अरविंद कच्छप ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वैसे मामले जो सुलहनिये है।जो लंबित केस 10 साल या 15 साल से लंबित है वैसे केसों को राष्ट्रीय लोक अदालत में कम फाइन करके केस का निष्पादन किया जाता है।जिससे कि लोग बेवजह केस के कारण कोर्ट में आने से बच सकते हैं।इस लोक अदालत में ऋण से संबंधित सभी बैंक,विद्युत विभाग से संबंधित,वन विभाग तथा कई विभागों के स्टॉल लगाया गया है।राष्ट्रीय लोक अदालत कार्यक्रम का संचालन एसडीजेएम सह अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के सचिव आलोक ओझा ने किया।
मौके पर नगर उंटारी व्यवहार न्यायालय के सभी अधिवक्तागण,सभी विभागों के अधिकारीगण,पीएलभी,व्यवहार न्यायालय के नाजिर रवि किशोर,राकेश चौधरी तथा कई लोग अपने मामलों का निपटारा कराने के लिए ग्रामीण उपस्थित थे।












