Location: कांडी
कांडी (प्रतिनिधि)। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बाईं बाकी सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। नहर के जीर्णोद्धार और पक्कीकरण का कार्य कागजों में पूर्ण दिखा दिया गया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि नहर में दर्जनों स्थानों पर अब भी अवरोध बने हुए हैं, जिससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है।
कांडी प्रखंड क्षेत्र के ग्राम भरत पहाड़ी और सतबहिनी जैसे गांवों में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। नहर का पानी घरों में घुस रहा है, जिससे गरीब मजदूरों के मिट्टी से बने कच्चे मकान ध्वस्त होने के कगार पर हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से बताया कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है। हरदेव कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्कूटीव इंजीनियर नवीन माली के निर्देश पर नहर को बीच में काटकर पानी को जंगल की ओर डायवर्ट कर दिया गया है, लेकिन नहर की सफाई और सभी अवरोधों को हटाना अभी भी जरूरी है ताकि पानी अपने मूल मार्ग से होकर ही बह सके।
सबसे गंभीर स्थिति सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल के मुख्य द्वार के पास देखने को मिल रही है, जहां करीब 50 फीट की लंबाई में नहर की खुदाई ही नहीं की गई है। परिणामस्वरूप, पूरब की ओर बहती यह नहर मुख्य गेट पर आकर पूरी तरह बंद हो जाती है।
165 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना में हरदेव कंस्ट्रक्शन द्वारा बरती जा रही लापरवाही से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। यह मामला कई बार अखबारों और न्यूज चैनलों के माध्यम से उजागर किया जा चुका है, फिर भी निर्माण कंपनी ने अब तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई है।
ग्रामीणों ने कंपनी से गुहार लगाई है कि वे जल्द से जल्द अवरोध हटाकर नहर का कार्य पूरा कराएं ताकि उनके घरों को और नुकसान न पहुंचे और भविष्य में ऐसी आपदाजनक स्थिति से बचा जा सके।












